सोमवार, फ़रवरी 09 2026 | 06:43:15 PM
Breaking News
Home / व्यापार / भारतीय रिजर्व बैंक ने फिर रेपो रेट में की 0.25 प्रतिशत की कटौती

भारतीय रिजर्व बैंक ने फिर रेपो रेट में की 0.25 प्रतिशत की कटौती

Follow us on:

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती करने का ऐलान किया। आरबीआई के इस ताजा फैसले के बाद रेपो रेट 6.25 प्रतिशत से घटकर 6.00 प्रतिशत हो गया है। केंद्रीय बैंक ने लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया है। इससे पहले, आरबीआई ने फरवरी में भी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती थी, जिसके बाद रेपो रेट 6.50 प्रतिशत से घटकर 6.25 प्रतिशत हो गया था। इस तरह से 2 महीनों में रेपो रेट में 0.50 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है। आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती किए जाने से करोड़ों लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा।

रेपो रेट क्या होता है

रेपो रेट को आसान भाषा में समझें तो इसे सीधे तौर पर लोन की ब्याज दरें कह सकते हैं। लेकिन ब्याज की ये दरें बैंकों के लिए होती है। जिस तरह हम अपनी जरूरतों के लिए बैंक से लोन लेते हैं। ठीक उसी तरह, बैंक भी अपनी जरूरतों के लिए आरबीआई से लोन लेता है। आरबीआई जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है, उस ब्याज दर को ही रेपो रेट कहा जाता है।

रेपो रेट घटाए जाने से आम लोगों को क्या फायदा होगा

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट घटाए जाने से आम लोगों को सीधा फायदा होगा। अब जब बैंकों को आरबीआई से सस्ता लोन मिलेगा, तो आम लोगों को भी बैंकों से सस्ता लोन मिलेगा। बैंक जिन ब्याज दरों पर लोन देते हैं, वो सीधे-सीधे आरबीआई के रेपो रेट पर निर्भर होता है। आरबीआई रेपो रेट घटाता है तो लोन सस्ते हो जाते हैं। इसी तरह, जब आरबीआई रेपो रेट बढ़ाता है तो लोन भी महंगा हो जाता है। आरबीआई द्वारा रेपो रेट घटाए जाने के बाद अब बैंक भी जल्द ही लोन की ब्याज दरें घटा देंगे। इससे आम लोगों को सस्ता लोन मिलेगा और हर महीने दी जाने वाली ईएमआई भी घट जाएगी और उन्हें बचत होगी। ईएमआई में होने वाली बचत से लोग अपनी दूसरी जरूरतें पूरी कर सकेंगे।

रेपो रेट से अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था पर रेपो रेट का बड़ा और महत्वपूर्ण असर पड़ता है। जब ब्याज दरें सस्ती होती हैं तो लोन की मांग में तेजी आएगी और खर्च बढ़ेगा। ब्याज दरें कम होने पर लोग ज्यादा लोन लेते हैं और अलग-अलग जगहों पर निवेश करते हैं या खरीदारी करते हैं। इसके अलावा, लोन से और भी कई तरह की जरूरतें पूरी की जाती हैं। इससे सीधे तौर पर हमारी अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और पॉजिटिव चेंज आएगा।

रेपो रेट और महंगाई में क्या संबंध है

लोन की ब्याज दरों में लगातार दूसरी बार हुई कटौती से ये भी संकेत मिला है कि देश में महंगाई कम हुई है। दरअसल, लोन की ब्याज दरें और महंगाई दोनों का आपस में गहरा संबंध है। जब महंगाई बढ़ती है तो केंद्रीय बैंक आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और कीमतों को काबू में करने के लिए ब्याज दरें बढ़ा देते हैं। ब्याज दरें बढ़ाने से उधार लेना महंगा हो जाता है, जिससे लोन की डिमांड कम हो जाती है और साथ ही खर्च भी कम हो जाता है। अब जब किसी भी सेक्टर में डिमांड कम होती है तो उसके दाम अपने आप ही कम हो जाते हैं और ऐसे महंगाई को कंट्रोल किया जाता है।

इस साल कंट्रोल में रहेगी महंगाई

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ​​बुधवार को एमपीसी की बैठक में लिए गए फैसलों का ऐलान किया। उन्होंने चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति पेश करते हुए क​हा कि वित्त वर्ष 2025-26 में रिटेल इंफ्लेशन यानी खुदरा महंगाई दर 4.2% से घटकर 4.00% के आसपास रहेगी। इसका सीधा मतलब ये हुआ कि इस वित्त वर्ष में खाने-पीने की चीजों के सामान की कीमतें काबू में रहेंगी। फरवरी 2025 में खुदरा महंगाई दर 3.61% रही थी। वहीं, इस साल जनवरी में खुदरा महंगाई दर 4.26% रही थी।

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

India AI Impact Summit 2026 Bharat Mandapam New Delhi

India AI Impact Summit 2026: भारत से निकलेगा वैश्विक एआई का नया रोडमैप

India AI Impact Summit 2026 भारत के तकनीकी और कूटनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक मील …