शनिवार, सितंबर 19 2026 | 08:27:54 AM

कानपुर में सोने-चांदी के दाम आज: जानें ताज़ा भाव, बाजार का रुख और आगे की संभावना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर। सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों, घरेलू मांग और निवेशकों की सक्रियता के चलते दोनों कीमती धातुओं में मजबूती देखने को मिल रही है। शादी-विवाह और आगामी त्योहारों को देखते हुए स्थानीय बाजार में भी खरीदारी का माहौल है।

सोने का भाव (Gold Rate)

शुद्धता के आधार पर प्रति 10 ग्राम सोने की कीमतें नीचे दी गई हैं:

सोने की शुद्धता आज का भाव (प्रति 10 ग्राम) कल का भाव (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट (शुद्ध सोना) ₹1,58,060 ₹1,56,750
22 कैरेट (जेवर के लिए) ₹1,44,900 ₹1,43,700
18 कैरेट ₹1,18,590 ₹1,17,600

नोट: अलग-अलग ज्वेलर्स के यहां मेकिंग चार्ज, टैक्स और शुद्धता के अनुसार दामों में मामूली अंतर हो सकता है।

चांदी का भाव (Silver Rate)

चांदी की कीमतों में आज बढ़त देखी गई है:

- Advertisement -
  • प्रति किलोग्राम: ₹3,00,000

  • प्रति 100 ग्राम: ₹30,000

  • प्रति 10 ग्राम: ₹3,000

क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?

  1. वैश्विक बाजार का असर – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की मांग बढ़ी है।
  2. स्थानीय मांग में तेजी – वैवाहिक सीजन और त्योहारों की तैयारियों के कारण आभूषणों की खरीद बढ़ रही है।
  3. निवेशकों की सक्रियता – हालिया उतार-चढ़ाव के बाद निवेशक दोबारा बाजार में लौटे हैं, खासकर चांदी में तेजी देखी जा रही है।

सर्राफा कारोबारियों की राय

कानपुर के सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि यदि मौजूदा वैश्विक संकेत बने रहते हैं तो आने वाले दिनों में सोने के दाम स्थिर या हल्की तेजी के साथ रह सकते हैं। वहीं, चांदी में उतार-चढ़ाव अधिक रहने की संभावना है।

खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान

  • सोने के आभूषण पर हॉलमार्क जरूर जांचें
  • बिल में मेकिंग चार्ज और टैक्स साफ-साफ लिखे हों
  • निवेश के लिए खरीदारी करते समय एक से अधिक ज्वेलर्स के रेट की तुलना करें

कुल मिलाकर कानपुर में सोने और चांदी के दाम इस समय ऊंचे स्तर पर हैं। निवेश या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए स्थानीय ज्वेलर से ताज़ा भाव की पुष्टि कर निर्णय लेना चाहिए।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।