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अखिल भारतीय थल सैनिक शिविर-2025 का दिल्ली में समापन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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देश भर से 17 राष्ट्रीय कैडेट कोर निदेशालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले 1,547 कैडेटों की भागीदारी के साथ, ‘अखिल भारतीय थल सैनिक शिविर-2025’ 11 सितंबर, 2025 को डीजीएनसीसी कैंप, दिल्ली कैंट में संपन्न हुआ। शिविर में विभिन्न प्रतियोगिताएं शामिल थीं, जिनमें हथियार चलाना, मानचित्र पढ़ना, दूरी और क्षेत्र संकेत का आकलन और स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी कार्यक्रम शामिल थे, जिससे कैडेटों की शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को परखा गया।

राष्ट्रीय कैडेट कोर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह ने समापन समारोह के दौरान एनसीसी समुदाय और कैडेटों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 12 दिवसीय शिविर के दौरान प्राप्त अनुभव कैडेटों के भविष्य के प्रयासों के लिए एक अमूल्य आधारशिला का काम करेगा। उन्होंने कहा कि कैडेटों को अनुशासन, सम्मान और साहस से भरपूर जीवन जीने का अवसर मिला, जिससे उनमें नेतृत्व और सौहार्द की भावना जागृत होगी। समारोह के दौरान उन्होंने विजेता निदेशालयों को ट्रॉफी भी प्रदान की गई:

अखिल भारतीय थल सैनिक शिविर (बालक) परिणाम – 2025

एनसीसी निदेशालय का नाम स्थिति
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ प्रथम
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना द्वितीय

अखिल भारतीय थल सैनिक शिविर (बालिका) परिणाम – 2025

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एनसीसी निदेशालय का नाम स्थिति
केरल और लक्षद्वीप प्रथम
दिल्ली द्वितीय

लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह ने अपने संबोधन में देश के युवाओं को तैयार करने तथा प्रेरित, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए विश्व के सबसे बड़े वर्दीधारी युवा संगठन एनसीसी की सराहना की, जिससे राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका और बढ़ गई।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।