लोड हो रहा है...

इजरायल ने लेबनान पर की एयर स्ट्राइक, हिजबुल्लाह था निशाना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read
येरुशुलम. इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम हो गया है. शांति समझौते के बाद गाजा में लोग अपने खंडहर बन चुके घरों में वापस लौट रहे हैं. वहीं इजरायली सेना पीछे होने लगी है. इस सबके बीच इजरायल की सेना ने शनिवार को दक्षिण लेबनान में हवाई हमले किए. सेना का कहना है कि यह हमला हिजबुल्लाह आतंकवादी संगठन के उन ठिकानों पर किया गया जहां ‘आतंकी ढांचे को दोबारा खड़ा करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंजीनियरिंग उपकरण’ रखे गए थे. IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘सेना ने उत्तरी कमान के नेतृत्व में हवाई हमले किए हैं. निशाना बनाए गए स्थानों पर हिजबुल्लाह के पास ऐसे इंजीनियरिंग टूल्स रखे थे जिनका उपयोग दक्षिण लेबनान में आतंकवादी ढांचे को दोबारा बनाने में किया जा रहा था.’
सेना ने आगे कहा कि हिजबुल्लाह लेबनानी नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है और उन्हें ‘मानव ढाल’ की तरह इस्तेमाल कर रहा है. यह गतिविधि इजरायल और लेबनान के बीच हुए समझौतों का उल्लंघन है. सेना ने साफ कहा कि वह ‘इजरायल की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियानों को जारी रखेगी.’ लेबनान के सिडोन जिले के अल-नजरियाह गांव में यह हमला हुआ. हिजबुल्लाह से जुड़े चैनल अल-मनार टीवी ने फुटेज जारी किया जिसमें एक विशाल विस्फोट और नारंगी धुएं का गुबार दिखा. अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इन हवाई हमलों में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हुए.

क्या बोला लेबनान?

रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला बुलडोजर और खुदाई करने वाली मशीनों के प्रदर्शनी स्थल पर था, जहां भारी मशीनरी रखी हुई थी. लेबनान के राष्ट्रपति जोसफ आउन (Joseph Aoun) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा, ‘दक्षिण लेबनान फिर से इजरायली हमले का निशाना बना है. यह हमला नागरिक प्रतिष्ठानों पर किया गया है, जो किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता.’ लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और दो घायल हुए हैं.
इस हमले से ठीक पहले लेबनान में 32 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. इन पर आरोप है कि उन्होंने इजरायल को हिजबुल्लाह से जुड़ी जानकारी दी, जिससे कुछ हमलों को अंजाम दिया गया. वहीं इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच एक साल से ज्यादा समय से तनाव बना हुआ है. दोनों के बीच दो महीने तक खुला युद्ध भी चला, जिसमें इजराइल ने हिजबुल्लाह के कई वरिष्ठ कमांडरों को मार गिराया था.
साभार : न्यूज18

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।