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छत्तीसगढ़ में 10 नक्सलियों सहित 1 करोड़ का नक्सली ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

रायपुर. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक करोड़ के इमानी नक्लसी समेत दस को CRPF के कोबरा कमांडो ने मार गिराया गया है. मारे गए 10 में से एक नक्सली पर एक करोड़ का इनाम था और वह एक कुख्यात नक्सली था. इस कार्रवाई को CRPF के कोबरा कमांडो ने अंजाम दिया है. ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ की पुलिस भी शामिल थी. दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव राय ने बताया कि विस्फोट बारूदी सुरंग हटाने के अभियान के दौरान एक IED लास्ट हुआ. आईईडी विस्फोट में दो जवान घायल हो गए। इनमें से एक इंस्पेक्टर है. बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) का एक जवान गंभीर रूप से घायल है. घायलों का दंतेवाड़ा अस्पताल में इलाज चल रहा है और बेहतर चिकित्सा के लिए उन्हें हवाई मार्ग से रायपुर ले जाया जाएगा.

सूत्रों की मानें तो एजेंसियों को नक्सलियों के मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी, नक्सली नेता बालकृष्ण की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया. इसके बाद गरियाबंद के दूरस्थ इअलाके में मुठभेड़ शुरू हुई, नक्सलियों के एक समूह को सुरक्षाबलों ने घर लिया था और कार्रवाई में दस नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. इस ऑपरेशन में राज्य पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और कोबरा बटालियन की टीम शामिल थी. इस मुठभेड़ में मनोज उर्फ मोडेम बालकृष्ण मारा गया है, वह ओडिशा स्टेट कमेटी (OSC) का एक वरिष्ठ सदस्य था. उस पर एक करोड़ का इनाम घोषित किया गया था.

इससे पहले छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के जंगलों में नक्सलियों के सुप्रीम लीडर महासचिव नंबाला केशव उर्फ बसवराजू का एनकाउंटर हुआ था. उस पर डेढ़ करोड़ का इनाम घोषित किया गया था. खबरों की मानें तो बसवराजू की मौत के बाद कमान देवजी को सौंपी गई. उस पर करीब 6 करोड़ का इनाम है और 135 से अधिक जवानों की हत्या का आरोप है.

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।