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चुनाव आयोग ने 6 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के एसआईआर कार्यक्रम में संशोधन किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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  1. 6 राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर निर्वाचन आयोग ने इन 6 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यक्रम को 01.01.2026 को पात्रता तिथि मानते हुए निम्नानुसार संशोधित किया है:
क्रमांक

संख्या

राज्य/केंद्र शासित प्रदेशसंशोधित गणना

अवधि

मतदाता सूची के मसौदे के प्रकाशन की संशोधित तिथि
1.तमिलनाडु14.12.2025 (रविवार) तक19.12.2025 (शुक्रवार)
2.गुजरात14.12.2025 (रविवार) तक19.12.2025 (शुक्रवार)
3.मध्य प्रदेश18.12.2025 (गुरुवार) तक23.12.2025 (मंगलवार)
4.छत्तीसगढ18.12.2025 (गुरुवार) तक23.12.2025 (मंगलवार)
5.अंडमान एवं निकोबार18.12.2025 (गुरुवार) तक23.12.2025 (मंगलवार)
6.उत्तर प्रदेश26.12.2025 (शुक्रवार) तक31.12.2025 (बुधवार)
  1. पहले के संशोधित कार्यक्रम में, इन 6 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जनगणना अवधि 11.12.2025 तक थी और मतदाता सूची के मसौदे के प्रकाशन की पूर्व तिथि 16.12.2025 थी।
  2. गोवा, गुजरात, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के लिए जनगणना की अवधि आज यानी 11.12.2025 को समाप्त हो रही है। इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए मतदाता सूची का मसौदा 16.12.2025 को प्रकाशित किया जाएगा।
  3. केरल के लिए कार्यक्रम को पहले ही संशोधित किया जा चुका है और केरल राज्य के लिए जनगणना अवधि 18.12.2025 को समाप्त हो जाएगी और मतदाता सूची का मसौदा 23.12.2025 को प्रकाशित किया जाएगा।
  4. यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए, नए मतदाताओं को फॉर्म 6 और घोषणा पत्र भरकर बीएलओ को जमा करने या ईसीआईएनईटी ऐप/वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ का उपयोग करके ऑनलाइन फॉर्म और घोषणा पत्र भरने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके, जो फरवरी 2026 में प्रकाशित की जाएगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।