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माई भारत ने युवा नेतृत्व विकास के लिए स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप फाउंडेशन (एसओयूएल) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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युवा कार्य और खेल मंत्रालय के तहत युवा मामले विभाग के माई भारत ने ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण और युवा नेतृत्व विकास पर सहयोग करने के लिए स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप फाउंडेशन (एसओयूएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस साझेदारी का उद्देश्य शासन, लोक नीति, सामाजिक उद्यमिता, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता और अन्य क्षेत्रों में संयुक्त कार्यक्रमों के माध्यम से पूरे भारत में 18-29 वर्ष की आयु वर्ग के 1,00,000 युवा नेताओं को तैयार करने के राष्ट्रीय विजन की सहायता करना है। यह समझौता ज्ञापन तीन वर्षों के लिए वैध है और परस्पर सहमति से इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

इस समझौता ज्ञापन में नेतृत्व कार्यक्रमों की रूपरेखा और क्रियान्वयन, सम्मेलनों और कार्यशालाओं के आयोजन, संयुक्त अनुसंधान और युवा सेवा संगठनों के क्षमता निर्माण का प्रावधान है। प्रतिभागियों का चयन अखिल भारतीय स्तर पर, समावेशी दृष्टिकोण के साथ किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण, शहरी, आकांक्षी, जनजातीय, महिला और वंचित समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।

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निम्नलिखित कार्यकलापों को निर्दिष्ट संपर्क बिंदुओं और एक संभावित संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा।

  • विभिन्न कार्य क्षेत्रों (शासन, सार्वजनिक नीति, सामाजिक उद्यमिता, विदेश नीति, संचार, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता) में युवा नेतृत्व कार्यक्रमों का डिजाइन, विकास और वितरण।
  • नेतृत्व विकास के लिए युवा सम्मेलनों, सेमिनारों, कार्यशालाओं और फेलोशिप का आयोजन।
  • युवा सेवा संगठनों, शैक्षिक और प्रशिक्षण संस्थानों के लिए क्षमता निर्माण।
  • युवा नेतृत्व में संयुक्त अनुसंधान और नीति पक्षधरता।
  • युवा नेतृत्व और क्षमता निर्माण में सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का प्रसार।
  • माई भारत और सोल के बीच प्रशिक्षकों, संसाधन व्यक्तियों और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान।
  • प्रशिक्षण सामग्री, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन उपकरणों का विकास और साझाकरण।
  • पूरे देश के युवा नेताओं को जोड़ने के लिए नेटवर्किंग कार्यक्रम।
  • योग्यता आधारित, समावेशी आधार पर प्रतिभागियों की पहचान के लिए ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी और चयन प्रक्रिया।

इस समझौता ज्ञापन के तहत देश के युवाओं को नेतृत्व कौशल सिखाने के लिए एक ऑनलाइन कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है, जिसे सितंबर माह में शुरू किया जाएगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।