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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बनाया राजनितिक दल, लड़ेंगे बिहार विधानसभा चुनाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आज सीतामढ़ी से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर ‘सनातनी राजनीति’ का शंखनाद किया है।सीतामढ़ी में माता सीता की जन्मस्थली के दर्शन और पूजन के बाद, उन्होंने ‘गौ मतदाता संकल्प यात्रा’ की शुरुआत करते हुए घोषणा की कि वह आगामी चुनावों में सभी विधानसभा क्षेत्रों से अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे। ये प्रत्याशी ‘गौ भक्त’ होंगे।

गौ रक्षा को बनाया चुनावी मुद्दा

शंकराचार्य ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है, जब हम गौ माता का संरक्षण करेंगे। उन्होंने गौ रक्षा को आस्था का विषय होने के साथ-साथ समाज और संस्कृति की आधारशिला भी बताया। उन्होंने सभी सनातनियों से अपील की कि वे केवल उन्हीं प्रत्याशियों को वोट दें, जो गौ रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों। उन्होंने यह भी कहा कि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

केंद्र सरकार पर साधा निशाना

मीडिया से बात करते हुए शंकराचार्य ने केंद्र सरकार पर गौ रक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि वे उन राजनीतिक दलों का पर्दाफाश करें, जो गौ हत्यारों से चंदा लेते हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने गौ रक्षा का संकल्प नहीं लिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और गिरिराज सिंह पर भी तीखा हमला बोला।

SHABD, September 13, 2025

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।