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इंडिया गठबंधन केवल राष्ट्रीय स्तर के लिए था, स्थानीय चुनावों के लिए नहीं : शरद पवार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. एनसीपी शरद गुट के नेता शरद पवार ने कहा है कि इंडिया गठबंधन में कभी भी स्टेट और लोकल चुनावों को लेकर कोई बात नहीं हुई थी. यह गठबंधन केवल नेशनल लेवल के चुनावों के लिए है. उनका यह बयान उस वक्त आया है जब सभी क्षेत्रीय दल अपने-अपने राज्यों में कांग्रेस के किनारा काटते दिख रहे है. दिल्ली में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. वहां इंडिया गठबंधन के हिस्सा रहे आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एक दूसरे पर खूब हमले बोल रहे हैं. इसी तरह महाराष्ट्र में आने वाले वक्त में स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं. यहां महायुति के घटक दल रहे कांग्रेस, शिवसेना उद्धव गुट और एनसीपी शरद गुट सभी ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

एक प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने कहा कि वह संघ की आइडियोलॉजी का समर्थन नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह से उनके लोग मेहनत करते हैं, वह उनका समर्थन करते हैं. पिछले दिनों शरद पवार ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संघ ने कड़ी मेहनत की वजह से महाराष्ट्र में भाजपा और महायुति को शानदार जीत मिली थी. संघ के लोगों ने कड़ी मेहनत की और उनसे हमें सीखना चाहिए. शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों उनकी पार्टी किसी के साथ लड़ेगी या अलग इस बारें में 8-10 दिनों में फैसला कर लिया जाएगा. इसको लेकर पार्टी के भीतर मीटिंग होगी.

शरद पवार इंडिया गठबंधन के सूत्रधारों में से एक रहे हैं. लोकसभा चुनाव से पहले यह गठबंधन बनाया गया था. लोकसभा चुनाव में इसने शानदार प्रदर्शन भी किया. लेकिन, बाद के विधानसभा चुनावों खासकर हरियाणा और महाराष्ट्र में मिली बुरी हार के इसके भीतर विरोध से स्वर उठने लगे. पहले ममता बनर्जी ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि वह इस गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं. फिर लालू प्रसाद यादव की आरजेडी ने इसे लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन बताया. दिल्ली चुनाव में आप और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं. यहां भी गठबंधन पूरी तरह टूट गया है. उधर, महाराष्ट्र में गठबंधन की प्रमुख पार्टी शिवसेना उद्धव गुट ने म्यूनिशिपल चुनाव अपने दम पर लड़ने का फैसला किया है.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।