पालघर । गुरुवार, 27 अगस्त 2026
महाराष्ट्र के पालघर जिले के मोखाड़ा तालुका स्थित वाकडपाड़ा (Wakadpada) गांव से एक चर्चित मामला सामने आया है। यहां कथित तौर पर प्रलोभन देकर और धार्मिक भावनाएं आहत कर धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास के आरोप में पुलिस ने 22 महिलाओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। इस घटना के बाद से स्थानीय क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
घटना का पूरा विवरण और शिकायतकर्ता के आरोप
यह पूरा मामला 21 अगस्त की दोपहर का बताया जा रहा है। मोखाड़ा पुलिस के अनुसार, एक 18 वर्षीय छात्र की शिकायत के आधार पर यह कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
शिकायतकर्ता छात्र ने पुलिस को बताया कि महिलाओं का एक समूह उसके घर पहुंचा था। समूह में शामिल मुख्य आरोपी सत्यवती बालकृष्ण कुंचे (निवासी उल्लासनगर, ठाणे) और स्थानीय निवासी कुसुम शिवराम कांबडी ने उसे धार्मिक पुस्तकें (न्यू टेस्टामेंट) दीं। आरोप है कि महिलाओं ने दावा किया कि इन पुस्तकों को पढ़ने और प्रार्थना करने से सभी बीमारियां दूर हो जाएंगी और जीवन की समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।
छात्र द्वारा पुस्तकें लेने से इनकार करने पर, आरोप है कि महिलाओं ने हिंदू देवी-देवताओं व धार्मिक मान्यताओं के प्रति अनुचित टिप्पणियां कीं और उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया। इसके बाद छात्र ने ग्रामीणों को सूचित किया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर महिलाओं के समूह को रोका और पुलिस को जानकारी दी।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी धाराएं
मामले की गंभीरता को देखते हुए मोखाड़ा पुलिस ने 22 महिलाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
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धारा 299 BNS: जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना।
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धारा 3(5) BNS: समान मंशा (Common Intention) के साथ मिलकर किसी अपराध को अंजाम देना।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस समूह की अधिकतर महिलाएं हैदराबाद से आई थीं, जो स्थानीय संपर्क कुसुम कांबडी के जरिए गांव पहुंची थीं।
वर्तमान स्थिति और प्रशासनिक बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हैदराबाद से आई महिलाओं को जांच में सहयोग करने के निर्देश के साथ जाने दिया गया है। पुलिस शिकायतकर्ता, ग्रामीणों और मौके पर मौजूद अन्य लोगों के बयान दर्ज कर रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर दर्ज होना केवल एक निष्पक्ष प्रक्रियात्मक शुरुआत है। अंतिम निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई पूरी जांच व साक्ष्यों के आधार पर ही तय की जाएगी। अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी बिना पुष्टि वाली खबर को सोशल मीडिया पर शेयर न करने का आग्रह किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. पालघर में किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है?
उत्तर: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करना) और धारा 3(5) (समान मंशा) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
Q2. यह घटना पालघर के किस क्षेत्र की है?
उत्तर: यह घटना पालघर जिले के मोखाड़ा तालुका स्थित वाकडपाड़ा (Wakadpada) गांव की है।
Q3. क्या मामले में किसी की गिरफ्तारी हुई है?
उत्तर: नहीं, पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के इस चरण में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों को जांच में सहयोग करने के आदेश दिए गए हैं।
Disclaimer:
यह लेख उपलब्ध पुलिस दर्ज प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR), शिकायतकर्ता के बयानों और आधिकारिक समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। FIR दर्ज होना प्राथमिक जांच की शुरुआत है और आरोपी कानूनन दोषी साबित होने तक निर्दोष माने जाते हैं। निष्पक्ष निष्कर्ष पूरी जांच के बाद ही सामने आएगा।
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