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बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को अपने प्रामाणिक सोशल मीडिया खातों की जानकारी चुनाव आयोग को देनी होगी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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  1. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 6 अक्टूबर, 2025 को बिहार विधान सभा के आम चुनाव और 6 राज्यों तथा जम्मू एवं कश्मीर केन्द्र शासित प्रदेश के 8 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों के कार्यक्रम की घोषणा की।
  2. ईसीआई ने 9 अक्टूबर, 2025 को आदेश जारी किए हैं, जिसके अंतर्गत प्रत्येक पंजीकृत/राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दल तथा प्रत्येक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को प्रकाशन से पहले सोशल मीडिया सहित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर सभी राजनीतिक विज्ञापनों के पूर्व-प्रमाणन के लिए मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (एमसीएमसी) को आवेदन करना होगा।
  3. निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार राजनीतिक विज्ञापनों के पूर्व-प्रमाणन के लिए जिला और राज्य स्तर पर एमसीएमसी का गठन किया गया है।
  4. संबंधित एमसीएमसी से पूर्व प्रमाणन के बिना राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों द्वारा सोशल मीडिया वेबसाइटों सहित किसी भी इंटरनेट-आधारित मीडिया/वेबसाइट पर कोई भी राजनीतिक विज्ञापन जारी नहीं किया जाएगा।
  5. एमसीएमसी मीडिया में पेड न्यूज के संदिग्ध मामलों पर भी कड़ी निगरानी रखेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।
  6. इसके अलावा, चुनावी परिदृश्य में सोशल मीडिया की पहुंच को देखते हुए, उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते समय अपने प्रामाणिक सोशल मीडिया खातों का विवरण साझा करने का भी निर्देश दिया गया है।
  7. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77(1) और भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, राजनीतिक दलों को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 75 दिनों के भीतर सोशल मीडिया वेबसाइटों सहित इंटरनेट के माध्यम से चुनाव प्रचार पर किए गए व्यय का विवरण भी भारत निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत करना चाहिए।
  8. इस तरह के व्यय में, अन्य बातों के अलावा, इंटरनेट कंपनियों और वेबसाइटों को विज्ञापन देने के लिए किए गए भुगतान, साथ ही सामग्री के विकास पर अभियान संबंधी व्यय और उनके सोशल मीडिया खातों को बनाए रखने के लिए किए गए परिचालन व्यय भी शामिल होंगे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।