रविवार, जुलाई 12 2026 | 11:40:21 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर ब्रिटेन के एफ-35 लड़ाकू विमान की हुई आपातकालीन लैंडिंग

तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर ब्रिटेन के एफ-35 लड़ाकू विमान की हुई आपातकालीन लैंडिंग

Follow us on:

नई दिल्ली. ब्रिटिश लड़ाकू विमान F-35 की तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है. बताया जा रहा है कि खराब मौसम के कारण इस लड़ाकू विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है. यह जेट विमान ब्रिटेन के प्रिंस ऑफ वेल्स विमान वाहक समूह का हिस्सा है, जो वर्तमान में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तैनात है और जिसने हाल ही में भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त अभ्यास किया था.

5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर यू.के. के एच.एम.एस. प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है, जो वर्तमान में इंडो-पैसिफिक में काम कर रहा है और जिसने हाल ही में भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास पूरा किया है. सैन्य विमानन विशेषज्ञ इस घटना को असामान्य बताते हैं, लेकिन अभूतपूर्व नहीं. F-35B वैरिएंट को विशेष रूप से शॉर्ट टेक-ऑफ और वर्टिकल लैंडिंग (STOVL) के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह कैटापुल्ट सिस्टम के बिना विमान वाहक से संचालित हो सकता है.यह स्पष्ट नहीं है कि विमान प्रिंस ऑफ वेल्स पर वापस क्यों नहीं आ पाया, हालांकि शुरुआती संकेत बताते हैं कि वाहक के आसपास खराब मौसम की स्थिति ने सुरक्षित लैंडिंग को रोका हो सकता है.

यू.एस. रक्षा ठेकेदार लॉकहीड मार्टिन द्वारा संचालित F-35 कार्यक्रम को आज सेवा में सबसे उन्नत मल्टीरोल लड़ाकू विमान प्लेटफार्मों में से एक माना जाता है.विमान की स्टील्थ क्षमताएं, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और डेटा-शेयरिंग बुनियादी ढांचा यू.एस., यू.के., इज़राइल और नाटो की आधुनिक हवाई रणनीति के लिए केंद्रीय हैं.न तो यू.के. रक्षा मंत्रालय और न ही लॉकहीड मार्टिन ने आपातकालीन लैंडिंग की बारीकियों पर बयान जारी किए हैं.रविवार सुबह तक लड़ाकू विमान तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर खड़ा रहा.

साभार : एनडीटीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

भारत-अमेरिका व्यापार विवाद: USTR के 12.5% अतिरिक्त टैरिफ प्रस्ताव पर भारत का कड़ा रुख

नई दिल्ली । शनिवार, 11 जुलाई 2026 हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच …