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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाली यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हरियाणा की रहने वाली यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को गिरफ्तार किया गया है. अब तक पंजाब के मलेरकोटला और हरियाणा से कुल 6 पाकिस्तानी जासूसों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान हाई कमिशन में कार्यरत दानिश नाम के अधिकारी के संपर्क में थी और दानिश ने इसे पाकिस्तान भी भेजा था. ज्योति मल्होत्रा अपना ट्रैवल चैनल चलाती है वो पाकिस्तान भी गई थी और कई खुफिया जानकारी पाकिस्तान में शेयर कर रही थी.

पूछताछ के दौरान ज्योति मल्होत्रा ने पुलिस के बताया कि उसका ‘ट्रैवल विद-जो’ के नाम से यू ट्यूब पर चैनल है. वो पासपोर्ट धारक है और वर्ष 2023 में पाकिस्तान जाने के लिए वीजा लगवाने के संबंध में पाकिस्तान हाई कमीशन दिल्ली गई थी जहां उसकी मुलाकात अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई थी. उसने अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश का मोबाइल नंबर ले लिया था फिर उससे बाते करने लगी थी.

पाकिस्तान की यात्रा की

उसके बाद उसने दो बार पाकिस्तान की यात्रा की जहां दानिश के कहने पर उसके जानकार अली अहवान से मिली थी, जहां अली अहवान ने उसके रुकने और घूमने फिरने का प्रबन्ध किया था. पाकिस्तान में अली अहवान ने उसकी पाकिस्तानी सिक्यूरिटी व इंटेलीजेंस के अधिकारियों से मुलाकात करवाई थी.

भेजी खुफिया जानकारी

वहीं पर शाकिर और राणा शहबाज से भी मिली थी. उसने शाकिर का मोबाइल नम्बर ले लिया व उसके मोबाइल में शाकिर का नम्बर जट रधांवा के नाम से सेव कर लिया ताकि किसी को शक ना हो. फिर वापिस भारत आ गई. फिर वो व्हाट्सऐप, स्नैप चैट व टैलीग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से उन सभी से लगातार संपर्क में रही ओर देश विरोधी सूचनाओं का आदान प्रदान करने लगी.

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पाक खुफिया एजेंसी के संपर्क में पाई गई ज्योति

ज्योति दिल्ली में पाक हाई कमीशन में अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश उपरोक्त से काफी बार मिलती रही. ज्योति रानी की पूछताछ से वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में पाई गई है. ज्योति ने दुश्मन देश पाकिस्तान के नागरिक जिसको भारत सरकार द्वारा जासूसी के आरोप में Persona-non-grata घोषित किया हुआ है, से संदिग्ध गतिविधियां करके व भारत की खुफिया सूचनाओं का आदान प्रदान करके भारत की संप्रभुता, एकता व अखंडता को खतरे में डालने का जुर्म किया है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।