बुधवार, अप्रैल 08 2026 | 02:02:33 PM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / भारत-चीन में बनी सहमति, जल्द शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा

भारत-चीन में बनी सहमति, जल्द शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा

Follow us on:

नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच पिछले कुछ सालों से बॉर्डर पर गतिरोध जारी है. लेकिन दोनों देशों की तरफ से लगातार रिश्ते को सामान्य बनाने की दिशा में पहल भी हो रही है. इस बीच,  कैलाश मानसरोवर यात्रा को एक बार फिर से शुरू करने को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने बड़ी खबर दी है. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद कई सालों तक स्थगित रहने के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा जल्द ही आम लोगों के लिए फिर से शुरू हो सकती है.

‘कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष होगी’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हम जल्द ही कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जनता के लिए एक नोटिस जारी करेंगे. यात्रा जल्द ही फिर से शुरू होने की संभावना है.’ वहीं, एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष होगी और हम इसकी तैयारी कर रहे हैं.’

जनवरी में इस मुद्दे पर हुई थी बातचीत

जनवरी की शुरुआत में भारत और चीन ने यात्रा को फिर से शुरू करने का फैसला किया था और सीधी उड़ानें बहाल करने पर सहमति जताई थी. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बीजिंग में चीनी उप विदेश मंत्री सन वेइदोंग के साथ बातचीत के बाद इन फैसलों का ऐलान किया था.

करीब 5 साल से नहीं हुई है यात्रा

कोविड-19 और उसके बाद चीन की तरफ से यात्रा व्यवस्थाओं का नवीनीकरण न किए जाने की वजह से 2020 से यह यात्रा नहीं हुई है. वहीं, फरवरी में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बाइलेट्रल रिलेशन्स, सीमा क्षेत्रों में शांति और सौहार्द के मैनेजमेंट तथा कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने के संबंध में समीक्षा की थी.

भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवाओं पर एक सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘सैद्धांतिक रूप से, दोनों देश इस बात पर सहमत हो गए हैं कि उड़ान संचालन फिर से शुरू होगा. दोनों पक्षों की तकनीकी टीमें उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं पर विचार कर रही हैं. दोनों नागरिक उड्डयन प्राधिकरणों ने मुलाकात की है और रूपरेखा सहित प्रासंगिक तौर-तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं.’

साभार : जी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

राजा रवि वर्मा द्वारा निर्मित यशोदा और कृष्ण की रिकॉर्ड तोड़ पेंटिंग, नीलामी रिकॉर्ड 2026।

राजा रवि वर्मा की ‘यशोदा और कृष्ण’ ने रचा इतिहास: 167.2 करोड़ में बिककर बनी भारत की सबसे महंगी पेंटिंग

मुंबई | 2 अप्रैल, 2026 भारतीय कला के इतिहास में एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जुड़ …