रविवार, सितंबर 20 2026 | 05:36:34 AM

एसआईए ने जम्मू में कश्मीर टाइम्स के कार्यालय पर छापेमारी में बरामद किये एके-47 के कारतूस और ग्रेनेड का लीवर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जम्मू. राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने गुरुवार (20 नवंबर) को जम्मू के रेजीडेंसी रोड स्थित अंग्रेजी दैनिक, कश्मीर टाइम्स के कार्यालय पर छापा मारा. इस छापे के दौरान कश्मीर टाइम्स के दफ्तर से एके-47 के कुछ राउंड जांच एजेंसी को मिले हैं.

साथ ही इस छापेमारी में कश्मीर टाइम्स के दफ्तर से एक पिस्टल भी बरामद हुई है. वहीं इस दफ्तर से ग्रेनेड का एक लिवर भी बरामद हुआ है. ऑफिस को अधिकारियों की तरफ से सील कर दिया गया है. अन्य कार्रवाई की जा रही है.

ऑफिस को किया गया सील

एसआईए ने सार्वजनिक कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने वाले लेखों के लिए “कश्मीर टाइम्स” के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. अखबार के श्रीनगर कार्यालय को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अक्टूबर 2020 में सील कर दिया था.

 जबकि इसकी संपादक अनुराधा भसीन की पुस्तक “डिस्मेंटल्ड स्टेट: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ कश्मीर आफ्टर 370” को अगस्त 2025 में जम्मू-कश्मीर गृह विभाग ने जम्मू-कश्मीर में झूठे आख्यानों और अलगाववाद का प्रचार करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था.

- Advertisement -

क्यों हुई यह कार्रवाई?

इस ऑफिस में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और आंतकवादी विचारधाराओं के समर्थन के आरोपों के तहत यह छापेमारी की गई है. यह कार्रवाई कश्मीर टाइम्स के मेन अखबार के ऑफिस पर की गई है. बता दें कश्मीर टाइम्स पर देश विरोधी आर्टिकल लिखने की वजह से इस तरह की छापेमार कार्रवाई होती रही है. एक बार संलिपत्ता की वजह से कश्मीर टाइम्स सुरक्षा एंजेसी के घेरे में आ गया है.

बता दें कि इससे पहले ऑफिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी. अब कार्यालय पर छापेमारी की गई है. बता दें कि दिल्ली ब्लास्ट के बाद से ही जम्मू-कश्मीर के इलाकों से कनेक्शन निकलने के बाद जांच टीम द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है. दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच द्वारा ब्लास्ट में शामिल लोगों को ढूंढ कर निकाला जा रहा है. साथ ही पुलिस द्वारा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है.

साभार : एबीपी न्यूज

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

- Advertisement -

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।