रविवार, सितंबर 20 2026 | 02:11:04 PM

वायुसेना के हेलीकॉप्टर की हुई इमरजेंसी लैंडिंग, कोई हताहत नहीं

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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अहमदाबाद. गुजरात के जामनगर जिले में सोमवार को भारतीय वायु सेना के एक हेलीकॉप्टर को एक बांध के पास आपात स्थिति में उतरना पड़ा. पुलिस ने यह जानकारी दी. वैसे तो यह तत्काल पता नहीं चल पाया कि हेलीकॉप्टर में कितने लोग सवार थे, लेकिन पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख डेलू ने इस बात की पुष्टि की है कि कोई भी हताहत नहीं हुआ.

रंगमती बांध के नजदीक इमरजेंसी लैंडिंग

स्थानीय पुलिस के मुताबिक यह हेलीकॉप्टर जामनगर वायुसेना स्टेशन से लगभग 22 किलोमीटर दूर रंगमती बांध के समीप चंगा गांव के बाहरी इलाके में सुबह करीब 11 बजे आपात स्थिति में उतरा. डेलू ने कहा, ‘‘ रंगमती बांध के पास कुछ दिक्कतों के चलते भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर को आपात स्थिति में उतरना पड़ा. इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ.’’

घटनास्थल पर पहुंचे वायुसेना के अधिकारी

पुलिस ने संवाददाताओं को बताया कि भारतीय वायुसेना के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गये हैं और जांच शुरू कर दी है. वायुसेना ने अभी इस घटना के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

2 अप्रैल की रात क्रैश कर गया था जगुआर

2 अप्रैल की रात जामनगर में ही में बुभारतीय वायुसेना का एक जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश हो गया था. विमान में दो पायलट थे, जिनमें से एक ने सुरक्षित इजेक्ट कर लिया, जबकि दूसरे की इलाज के दौरान मौत हो गई. शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव हरियाणा के रेवाड़ी के रहने वाले थे. सिद्धार्थ की इसी साल 23 मार्च को ही सगाई हुई थी. हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने उनकी शहादत पर दुख जताया था.

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नवंबर में यूपी के आगरा में मिग विमान क्रैश हो गया था. हालांकि, दुर्घटना के दौरान पायलट सुरक्षित रूप से विमान से बाहर निकलने में कामयाब रहे थे. अक्तूबर में महाराष्ट्र के पुणे के पिंपरी चिंचवड शहर के बावधन बुद्रुक गांव के पास एक प्राइवेट हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था. हेलीकॉप्टर में सवार तीनों व्यक्तियों की मौत हो गई थी.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।