सोमवार, सितंबर 21 2026 | 02:44:02 AM

अमित शाह मानसून सत्र के बाद विधानसभा चुनाव को देखते हुए करेंगे बिहार का दौरा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी की रणनीति की अगुवाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे. सूत्रों की मानें तो मॉनसून सत्र ख़त्म होने के बाद वह बिहार में डेरा डालेंगे. इस दौरान अमित शाह संगठन की मजबूती और तैनाती की समीक्षा करेंगे. बीजेपी ने बिहार को संगठन के हिसाब से 6 ज़ोन में बांटने का फ़ैसला किया है. 9 संभागों में से कुछ संभागों को जोड़ कर ज़ोन बनाए गए हैं. पटना, मगध, सारण, तिरहुत, दरभंगा, कोसी, पूर्णिया, भागलपुर और मुंगेर संभाग हैं. हर ज़ोन में गृह मंत्री शाह कम से कम दो दिन रहेंगे.

अमित शाह इस दौरान मंडल, जिला और बूथ स्तर पर तैयारियों की समीक्षा करेंगे. शाह विधानसभा चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे और चुनावी मुद्दों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे. बीजेपी सूत्रों के अनुसार, शाह ने इसी तर्ज़ पर महाराष्ट्र में भी बीजेपी की चुनावी रणनीति की कमान संभाली थी. शाह की रणनीति महाराष्ट्र में कामयाब रही थी और वहां बीजेपी ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सरकार बनाई है. बीजेपी अब बिहार में भी कुछ करिश्‍मे की उम्‍मीद कर रही है. बिहार में इसी साल नंवबर में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव की तारीखों का ऐलान तो अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन सभी पार्टियों की तैयारी जोरों पर है.

साभार : एनडीटीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।