लोड हो रहा है...

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने वाले पीओके से जुड़े मुबाशिर अहमद की संपत्ति जब्त की गई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर में आतंक के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसते हुए अवंतीपोरा पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई अंजाम दी है. पुलिस ने त्राल के सैयदाबाद पस्तूना में एक अचल संपत्ति को जब्त किया है, जो पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से संचालित होने वाले एक सक्रिय आतंकी हैंडलर की बताई जा रही है.

यह संपत्ति मुबाशिर अहमद, पुत्र गुलाम नबी डार, निवासी सैयदाबाद पस्तूना त्राल की है. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुबाशिर पाकिस्तान से काम कर रहे नेटवर्क का हिस्सा है और लंबे समय से इलाके में आतंकवादी गतिविधियों को दोबारा जिंदा करने की कोशिश कर रहा था. पुलिस के मुताबिक, वह सीमा पार से हथियार और गोला-बारूद भेजने के साथ-साथ स्थानीय मॉड्यूल सक्रिय करने में भी शामिल था.

अवंतीपोरा पुलिस की टीम ने अलग-अलग स्तर पर की गई पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर इस संपत्ति की पहचान की. इसके बाद कानून के तहत कार्रवाई करते हुए इसे कब्जे में ले लिया गया. अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का मकसद उन सभी लोग और नेटवर्क को खत्म करना है जो बाहर बैठकर घाटी में आतंक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

पुलिस का मानना है कि ऐसे मामलों में लगातार कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि घाटी में सक्रिय या सक्रिय होने की कोशिश कर रहे आतंकियों की जड़ पूरी तरह काटी जा सके. यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की उस प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, जिसके तहत वे आतंक के हर रूप का सफाया करने में जुटे हैं.

साभार : जी न्यूज

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।