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हरियाणा विधानसभा के प्रसारण पर सख्त नियम, लेनी होगी विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा सचिवालय ने 21 अगस्त 2025 को एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी किया है. विधानसभा की कार्यवाही के लाइव करवेज के लिए नए दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं. यह कदम पारदर्शिता और सूचना के अधिकार के दृष्टिकोण को लेकर काफी महत्वपूर्ण है. अगर कोई टीवी चैनल विधानसभा द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन नहीं करता है तो संबंधित चैनल को विधानसभा स्पीकर के आदेशानुसार सदन की कार्यवाही के लाइव कवरेज के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है.

हरियाणा विधानसभा विधानसभा की कार्यवाही के लाइव करवेज के लिए ये हैं नए दिशा-निर्देश:

1. हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही के लाइव कवरेज के प्रसारण केवल वे टीवी चैनल कर सकेंगे, जिनके पास स्पीकर द्वारा अनुमति हो.
2. टीवी चैनलों को अपने प्रसारण में चैनल के नाम का वॉटरमार्क लगाने और हरियाणा विधानसभा के लोगो का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा गया है.
3. हरियाणा विधानसभा सत्र के सीधे प्रसारण के दौरान, किसी भी टीवी चैनल को अपने सोशल मीडिया पेजों जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर आदि पर सत्र का सीधा प्रसारण साझा करने की अनुमति नहीं है.
4. सभी टीवी चैनल अपने सोशल मीडिया अकाउंट जैसे वेबसाइट का पता, फेसबुक पेज, ट्विटर हैंडल का नाम, इंस्टाग्राम आईडी, यूट्यूब आदि हरियाणा विधानसभा को उपलब्ध कराएंगे.
5. सभी टीवी चैनल जो सीधा प्रसारण प्रसारित करेंगे, वे हरियाणा विधानसभा को यह सुनिश्चित करें कि कोई अन्य चैनल जैसे वेब चैनल, सोशल मीडिया हैंडल आदि दिए गए लिंक का उपयोग नहीं कर सकते.
6. कार्यवाही से हटाए गए अंश/शब्दों को किसी भी मीडिया/सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

इस सर्कुलर को पारदर्शिता पर रोक लगाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. आलोचकों का कहना है कि यह कदम सोशल मीडिया को चुप कराने का एक तरीका है. इसके अलावा, अगर कोई टीवी चैनल इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसे भविष्य में कार्यवाही के प्रसारण से रोक दिया जाएगा.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।