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सुरक्षाबलों ने छत्तीसगढ़ में ढेर किए 3 नक्‍सली, भारी मात्रा में मिले हथियार और गोलाबारूद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रायपुर. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा क्षेत्र में आज सुबह से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इस ऑपरेशन में अब तक 3 नक्सलियों को मार गिराया गया है, जबकि भारी मात्रा में मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा क्षेत्र में आज सुबह से ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इसमें अब तक 3 नक्सली ढेर हो चुके हैं। इसके अलावा भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। सुरक्षाबलों की एक टीम नक्सल विरोधी अभियान के तहत इलाके में रेड पर निकली थी। सुबह से दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो फिलहाल अभी भी जारी है।

इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है। संदिग्ध नक्सली गतिविधियों की जांच हो रही है और ज्यादा हथियारों और विस्फोटकों की तलाश जारी है। अभी तक किसी जवान के हताहत होने की खबर नहीं है।

नक्सल विरोधी अभियान तेज

छत्तीसगढ़ के बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों की ओर से नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। पिछले कुछ महीनों में कई बड़े ऑपरेशन में नक्सली ढेर किए गए हैं और कई हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

नक्सल मुठभेड़ पर क्या बोले डिप्टी सीएम

डिप्टी सीएम अरुण साव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा नक्सल मुठभेड़ में 3 नक्सली ढेर हुए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलमुक्त करने का वादा किया है और संकल्प नक्सलवाद खत्म करना है। दंतेवाड़ा मुठभेड़ की सफलता पर जवानों को बधाई भी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही सुरक्षाबलों ने करीब 30 नक्सलियों को मार गिराया था। आज यानी मंगलवार को जब जवान पहुंचे तो नक्सलियों ने पहले ही फायरिंग करना शुर कर दी। तभी जवानों ने भी अपनी कार्रवाई भी शुरु कर दी। पुलिस जवानों और नक्सलियों की तरफ से लगातार गोलियां चल रही हैं।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।