मुंबई. कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस रान्या राव पर सोना तस्करी मामले में गंभीर आरोप लगे हैं. इस मामले में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की ओर से अदालत में पेश किए गए सबूतों में दावा किया गया है कि रान्या राव ने हवाला माध्यम से सोने की खरीदारी की बात स्वीकार कर ली है. मंगलवार को राजस्व खुफिया निदेशालय ने अदालत को बताया कि कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि सोना खरीदने के लिए उन्हें हवाला लेन-देन के जरिए पैसा भेजा गया था. उन्होंने खुद यह कबूल किया है, ‘वरिष्ठ अधिवक्ता मधु राव ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की ओर से ये कहा है.
अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी
सोने की तस्करी मामले में रान्या राव की जमानत याचिका पर सुनवाई बेंगलुरु के 64वें सीसीएच सत्र न्यायालय में शुरू हुई. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत आदेश 27 मार्च के लिए सुरक्षित रख लिया. 3 मार्च को दुबई से आने पर केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रान्या से 12.56 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की ईंटें जब्त की गईं और उन्हें हिरासत में लिया गया. इसके बाद उनके घर पर भी तलाशी ली गई, जहां अधिकारियों ने 2.06 करोड़ रुपये मूल्य के गोल्ड की ज्वैलरी और 2.67 करोड़ रुपए बरामद किए थे.
धारा 108 के तहत जांच शुरू
इस मामले में DRI ने धारा 108 के तहत नोटिस जारी किया है, जो कि न्यायिक जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह पुलिस पूछताछ नहीं बल्कि एक न्यायिक जांच प्रक्रिया है, जिसके जरिए वित्तीय अनियमितताओं और संभावित कानून उल्लंघनों का पता लगाया जाएगा. अब इस मामले में DRI की गहन जांच जारी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हवाला नेटवर्क को किस स्तर तक इस्तेमाल किया गया है और इसमें कौन-कौन शामिल था. अगर मामले में और लोगों की भागीदारी पाई जाती है, तो आगे और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है.
पिछले सप्ताह, अदालत ने सोने की तस्करी मामले में कथित भूमिका के लिए 10 मार्च को गिरफ्तार किए गए तरुण कोंडुरु राजू की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. DRI ने उनकी जमानत याचिका का कड़ा विरोध यह कहते हुए कि रिहा होने पर वह फरार हो सकते हैं. अधिकारियों ने बताया कि रान्या की गिरफ्तारी के बाद, राजू ने कथित तौर पर देश से भागने की कोशिश की थी, जिसके चलते अधिकारियों ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया. जांचकर्ताओं को शक है कि उन्होंने तस्करी ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई, खासतौर पर भारत के अंदर अवैध सोने के परिवहन और वितरण की व्यवस्था में.
साभार : न्यूज18
भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं