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वैष्णो देवी रूट पर हिन्दू नाम से घोड़ा चला रहे 2 मुसलमानों को पुलिस ने पकड़ा

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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में श्री माता वैष्णो देवी मार्ग पर फर्जी डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल कर पोनी सेवा (घोड़े या खच्चर की सेवा) प्रदाता का भेष धारण करने के आरोप में 2 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि श्री गीता माता मंदिर के पास नियमित गश्त के दौरान पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को रोका जिसने पूरन सिंह नाम बताया लेकिन सख्ती से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि उसका नाम मनीर हुसैन है। पुलिस ने बताया कि वह अवैध रूप से काम करने के लिए किसी और के अधिकृत सेवा कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था। कटरा पुलिस थाना में कानून की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।

बिना किसी वैध लाइसेंस के दे रहा था पोनी सेवा

अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह के एक मामले में बाण गंगा पुल के पास पुलिस ने जम्मू जिले के कोटली निवासी साहिल खान को बिना किसी वैध लाइसेंस के टट्टू सेवा प्रदाता का काम करने के मामले में पकड़ा। पुलिस ने बताया कि उसने स्वीकार किया कि उसके पास कोई वैध अनुमति नहीं थी। उसने बताया कि साहिल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

पोनी सेवा प्रदाताओं से वैध डॉक्यूमेंट्स साथ रखने की अपील

अधिकारियों ने बताया कि मंदिर मार्ग पर अनधिकृत गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी और सत्यापन अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने सभी सेवा प्रदाताओं से वैध दस्तावेज साथ रखने की अपील की है और लोगों से किसी भी संदिग्ध की सूचना देने का अनुरोध किया है।

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस घटना के बाद से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने न केवल कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को झकझोरा, बल्कि इसकी छाया अब मां वैष्णो देवी की यात्रा पर भी पड़ने लगी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 40 से 45 प्रतिशत अग्रिम बुकिंग रद्द हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह घटना वैष्णो देवी यात्रा के ट्रैफिक और पर्यटन उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

साभार : इंडिया टीवी

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