नई दिल्ली । शनिवार, 5 सितंबर 2026
नेपाल में हाल ही में ग्लेशियर झील फटने (GLOF) से हुई भीषण तबाही के बाद अब हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति स्थित घेपन झील (Ghepan Lake) को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। करीब 4,068 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस झील के आकार में बीते तीन दशकों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे संभावित जल-प्रलय का खतरा मंडराने लगा है।
तीन दशकों में तीन गुना बढ़ी घेपन झील
उपग्रह (Satellite) से प्राप्त वैज्ञानिक अध्ययन के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं:
| वर्ष | झील का क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) | स्थिति |
| 1989 | 36.49 | सामान्य स्थिति |
| 2022 | 101.30 | आकार में लगभग 177% की भारी वृद्धि |
ग्लेशियर पिघलने के कारण झील का फैलाव तेजी से हो रहा है। इसके संभावित ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है:
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संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान: संभावित बाढ़ के मार्ग में आने वाले गांवों और बसावटों को चिह्नित कर लिया गया है।
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अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS): किसी भी आपात स्थिति की पूर्व सूचना के लिए झील पर चेतावनी प्रणाली स्थापित की जा रही है।
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वैज्ञानिक निगरानी: विशेषज्ञों की टीमें क्षेत्र के निरंतर अध्ययन में लगी हैं।
24 राज्यों में भारी बारिश और 80 किमी/घंटा की हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में मौसम के बिगड़ने की चेतावनी जारी की है। 24 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, वज्रपात और 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
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उत्तर भारत के संवेदनशील राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार।
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पहाड़ी क्षेत्रों में जोखिम: लगातार वर्षा से भूस्खलन (Landslide) और फ्लैश फ्लड का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश: गंगा और घाघरा नदियों के बढ़ने से बाढ़ का संकट
मैदानी इलाकों में बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश में गंगा और घाघरा नदियों का उफान तटीय इलाकों के लिए मुसीबत बन रहा है:
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कृषि पर असर: खेतों में पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है।
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मार्ग बाधित: ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर जलभराव से आवागमन ठप्प हो सकता है।
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राहत व बचाव कार्य: स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है और राहत टीमों को मुस्तैद रखा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: घेपन झील कहाँ स्थित है और यह चर्चा में क्यों है?
Ans: घेपन झील हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में 4,068 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 1989 से 2022 के बीच इसका क्षेत्रफल 36.49 हेक्टेयर से बढ़कर 101.30 हेक्टेयर हो गया है, जिससे GLOF (ग्लेशियर झील फटने) का खतरा बढ़ गया है।
Q2: GLOF (Glacial Lake Outburst Flood) क्या होता है?
Ans: जब किसी ग्लेशियर के पिघलने से बनी झील का प्राकृतिक बांध (बर्फ या मलबे की दीवार) टूट जाता है, तो झील का पानी अचानक अत्यधिक गति से नीचे की ओर बहता है, जिसे GLOF या ग्लेशियर झील बाढ़ कहते हैं।
Q3: उत्तर प्रदेश में किन नदियों के कारण बाढ़ का खतरा है?
Ans: उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से गंगा और घाघरा नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध भौगोलिक अध्ययनों और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर आधारित एक सूचनात्मक रिपोर्ट है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की आधिकारिक चेतावनियों व निर्देशों का ही पालन करें।
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