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भारत निर्वाचन आयोग ने उपराष्ट्रपतीय निर्वाचन के लिए रिटर्निंग अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी किए नियुक्त

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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1.    भारत निर्वाचन आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत, भारत के उपराष्ट्रपति के पद के लिए निर्वाचन कराने का अधिदेश प्राप्त है। भारत के उपराष्ट्रपति के पद का निर्वाचन राष्ट्रपतीय एवं उपराष्ट्रपतीय निर्वाचन अधिनियम, 1952 और उसके अधीन बनाए गए नियमों, अर्थात् राष्ट्रपतीय एवं उपराष्ट्रपतीय निर्वाचन नियम, 1974 द्वारा शासित होता है।

2.    राष्ट्रपतीय एवं उपराष्ट्रपतीय निर्वाचन अधिनियम, 1952 की धारा 3 के अंतर्गत, निर्वाचन आयोग, केंद्र सरकार से सलाह लेकर, एक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त करेगा, जिसका कार्यालय नई दिल्ली में होगा और वह एक या एक से अधिक सहायक रिटर्निंग अधिकारी भी नियुक्त कर सकता है। रीति के अनुसार, लोकसभा के महासचिव या राज्यसभा के महासचिव को बारी-बारी से रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया जाता है। पिछले उपराष्ट्रपतीय निर्वाचन के दौरान, लोकसभा के महासचिव को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया था।

3.    इसलिए, निर्वाचन आयोग ने विधि और न्याय मंत्रालय से सलाह लेकर तथा राज्य सभा के माननीय उपसभापति की सहमति से, राज्य सभा के महासचिव को आगामी उपराष्ट्रपतीय निर्वाचन, 2025 के लिए रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया है।

4.    तदनुसार, श्री पी. सी. मोदी, महासचिव, राज्य सभा को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि सुश्री गरिमा जैन, संयुक्त सचिव, राज्य सभा सचिवालय और श्री विजय कुमार, निदेशक, राज्य सभा सचिवालय को उपराष्ट्रपतीय निर्वाचन, 2025 के दौरान सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है।

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5.    अपेक्षित राजपत्र अधिसूचना अलग से जारी की जा रही है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।