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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे किए, अब राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट 22 भाषाओं में उपलब्ध

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (25 जुलाई, 2025) अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे कर लिए। अपने कार्यकाल का तीसरा वर्ष पूरा करते हुए, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन और प्रेसीडेंट्स एस्टेट में शुरू की गई विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों में भाग लिया, जिनमें शामिल हैं:

  • दिव्यांगजनों के अनुकूल राष्ट्रपति भवन की घोषणा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय शारीरिक दिव्यांगजन संस्थान की 50 सूत्री अनुशंसाओं को लागू करने के बाद राष्ट्रपति भवन, अमृत उद्यान और राष्ट्रपति भवन संग्रहालय दिव्यांगजनों के अनुकूल परिसर बन गए हैं।
  • 22 भारतीय भाषाओं में राष्ट्रपति भवन की वेबसाइटों का शुभारंभ। राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइटें-https://www.rashtrapatibhavan.gov.in/और https://www.presidentofindia.gov.in/- अब 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हैं।
  • प्रेसीडेंट्स एस्टेट में आगंतुकों और निवासियों के लिए विभिन्न सुविधाओं का उद्घाटन, जैसे राष्ट्रपति भवन में आगंतुक सुविधा केंद्र, राष्ट्रपति निलयम, हैदराबाद में निलयम निकुंज, राष्ट्रपति निवास, मशोबरा में कैफेटेरिया, सोविनियर शॉप और स्वागत कक्ष तथा प्रेसीडेंट्स एस्टेट में एक पुनर्निर्मित जिम।
  • 250 से अधिक मदों की नीलामी के लिए ई-उपहार सीजन 2 का शुभारंभ। नीलामी से प्राप्त सभी आय बच्चों के कल्याण से जुड़ी पहलों को दान की जाएगी। विवरण – https://upahaar.rashtrapatibhavan.gov.in/
  • ई-बुक का लोकार्पण – राष्ट्रपति कार्यकाल के पिछले एक वर्ष की झलकियों का संकलन (लिंक https://rb.nic.in/ebook25.htm)।
  • मार्च 2027 तक राष्ट्रपति भवन को नेट जीरो बनाने की पहलों की शुरुआत।

विभिन्न पहलों के शुभारंभ के अवसर पर अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में राष्ट्रपति ने कहा कि यह संतोष की बात है कि पिछले तीन वर्षों में कई निर्णय लिए गए और ऐसे कार्य किए गए जिनसे राष्ट्रपति भवन के साथ नागरिकों का जुड़ाव बढ़ा। हमारा सदैव यह प्रयास रहा है कि समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों को देश की विकास यात्रा से प्रभावी ढंग से जोड़ा जाए। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि राष्ट्रपति भवन दिव्यांगजनों के लिए अधिक सुलभ हो गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में कई नई पहल की जाएंगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।