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लद्दाख में हिंसक झड़पों के बाद अब हालात नियंत्रण में

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लेह. शहर में बुधवार को हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रतिबंधों का पालन करते हुए अब स्थिति नियंत्रण में है। बीती रात में कोई अवांछित घटना नहीं घटी। इस बीच, लेह के उपायुक्त डोमैल सिंह डोंक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी के साथ देर रात मीडिया को स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने और BNSS 2023 के तहत प्रतिबंध आदेश का पालन करने की अपील की।

वहीं कल केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए इसे स्थानीय कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के उकसावे का नतीजा बताया। दरअसल भीड़ ने कल सरकारी कार्यालयों और एक राजनीतिक दल के दफ्तर में आगजनी की, सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया और वाहनों को नुकसान पहुंचाया। इस घटना में 30 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बल घायल हुए हैं। आत्मरक्षा में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। सरकार ने लोगों से पुराने और भड़काऊ वीडियो मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित न करने की अपील की है।

मोदी सरकार का कहना है कि वांगचुक की छठी अनुसूची और राज्य के दर्जे की मांग पहले से ही उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) के एजेंडे में शामिल है। अब तक HPC की बैठकों से अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण 45% से बढ़ाकर 84% करने, परिषदों में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने और भोटी और पुर्गी को आधिकारिक भाषा घोषित करने जैसे अभूतपूर्व परिणाम दिए हैं। साथ ही 1800 पदों पर भर्ती भी शुरू हुई है।

सरकार ने दोहराया कि वह लेह और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस से संवादरत है और 6 अक्टूबर को HPC की अगली बैठक प्रस्तावित है। लद्दाख के उपराज्यपाल ने हिंसा की निंदा की है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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SHABD, September 25, 2025

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।