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हेमंत सोरेन सरकार ने अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम मदर टेरेसा के नाम पर किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

रांची. झारखंड में अटल मोहल्ला क्लिनिकों का नाम बदलकर मदर टेरेसा के नाम पर करने के राज्य सरकार के फैसले पर नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसी महान विभूति के प्रति कृतघ्नता ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार के नैतिक पतन का भी उदाहरण है।

प्रदेश केमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि क्या कैबिनेट के इस फैसले से स्वास्थ्य व्यवस्था में कोई ठोस सुधार होगा? क्या अब एंबुलेंस समय पर पहुंचेगी? क्या मोहल्ला क्लिनिक में इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी? उन्होंने कहा कि नाम बदलने से ज्यादा जरूरी है राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में बुनियादी सुधार करना, जो पूरी तरह चरमराई हुई है। आज भी गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस नहीं मिलने पर रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ता है। वृद्ध महिलाओं को खाट पर अस्पताल ले जाना पड़ता है और शव तक ढोने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं है। इन बुनियादी समस्याओं को दूर करने के बजाय, सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है।

मदर टेरेसा को सम्मान देने के लिए नई योजना शरू करें

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में मदर टेरेसा को सम्मान देना चाहती थी, तो उनके नाम पर कोई नई योजना शुरू कर सकती थी जो मरीजों को सहारा और सेवा दे सके, जो स्वयं मदर टेरेसा के जीवन का उद्देश्य था। लेकिन ऐसा करने के बजाय, हेमंत सरकार ने यहां भी राजनीतिक हित साधने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि झारखंड के निर्माण में अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान किसी परिचय का मोहताज नहीं है। 1999 में अटल जी ने झारखंड की धरती से जनता से वादा किया था कि यदि केंद्र में उनकी सरकार बनी, तो झारखंड के लोगों को अलग राज्य का उपहार देंगे, और उन्होंने अपना यह वादा निभाया। झारखंडवासियों को उनका अधिकार दिलाने और आदिवासी अस्मिता को अलग पहचान देने में अटल जी के अटल इरादों की निर्णायक भूमिका रही।

कांग्रेस ने किया बचाव

दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि मदर टेरेसा इस युग की सेवा, त्याग और करुणा की प्रतिमूर्ति हैं। उन्हें देवी कहना भी कम होगा। उनकी सेवा भावना को न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया ने नमन किया है। अगर उनके नाम पर कोई स्वास्थ्य योजना शुरू होती है, तो यह केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को तकलीफ क्यों हो रही है, ये समझ से परे है। मदर टेरेसा तो किसी पार्टी से नहीं आतीं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मकसद हेल्थ सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में लगातार आगे बढ़ने की है। लेकिन इसमें बीजेपी नेताओं की ओर से बाधा पहुंचाई जा रही है।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।