शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 09:44:49 AM

ईद पर संभल में सड़क और छत पर नहीं होगी नमाज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश स्थित संभल में ईद की नमाज के लिए पुलिस और प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. ईद की नमाज से पहले पुलिस की ओर से दो चीजों पर स्पष्ट पाबंदी के आदेश दिए गए हैं. संभल के एएसपी श्रीशचंद्र ने कहा कि ईद के दौरान संभल में सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं. लाउडस्पीकर की भी अनुमति नहीं दी जाएगी.

ए एस पी श्रीशचन्द्र ने कहा की आज हमने कोतवाली परिसर में पीस कमेटी के लोगो की मीटिंग कराई जिसमे सभी धर्मो मजहबों के लोग शामिल हुए थे सभी को अवगत कराया गया है कि ईद पर सड़कों पर नमाज़ नहीं होगी ईदगाह और मस्जिदों के अंदर परिसर में ही नमाज़ अदा करें, सड़कों पर या छतों पर किसी को भी नमाज़ नहीं पढ़ने दी जाएगी. परम्परागत रूप से नमाज़ अदा की कराई जाएगी और बिजली पानी की व्यवस्था सुचारू करा दी जाएगी और हमें उम्मीद है की आगामी सभी त्यौहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होंगे. पीस कमेटी की मीटिंग में पुलिस प्रशासन के निर्देश हैं कि ईद पर नमाज सड़कों पर नहीं होने दी जाएगी. कहा गया कि नमाज ईदगाह और मस्जिदों के अंदर परिसर में ही होगी. सड़कों पर या छतों पर किसी को नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी. नमाज परंपरागत रूप से  अदा की जाएगी.

एसडीएम ने क्या कहा?

वहीं एसडीएम वंदना मिश्रा ने कहा कि लोगों से त्योहारों पर आपसी सौहार्द के साथ ईद, नवरात्रि मनाने की अपील की गई है. उन्होंने कहा कि ईद की नमाज चबूतरों या सड़क पर नहीं होने दी जाएगी. लाउडस्पीकर की इजाजत भी नहीं दी जाएगी.

मेरठ में भी एक्शन की चेतावनी

संभल के अलावा मेरठ में भी सड़क पर ईद की नमाज पर सख्त कार्रवाई होगी. एसपी सिटी ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. वहीं संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात, सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है. नमाजियों की निगरानी CCTV, ड्रोन और लोकल इंटेलिजेंस से होगी. जानकारी के मुताबिक मेरठ में पुलिस अधिकारी ने कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ने पर पासपोर्ट और लाइसेंस जब्त होंगे. पुलिस ने अपील की है कि सड़कों पर नमाज न पढ़ें. बता दें  पिछले साल 200 लोगों पर आदेश न मानने की वजह से मुकदमा हुआ था.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।