इस्लामाबाद. पाकिस्तान में इमरान खान को लेकर राजनीतिक तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को जब लगातार आठवीं बार अदियाला जेल में बंद इमरान खान से मुलाकात की अनुमति नहीं मिली, तो मामला उबल पड़ा। इसके बाद अफरीदी ने रावलपिंडी स्थित जेल के बाहर ही धरना शुरू कर दिया, जिससे सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया।
अपमान पर सीएम का तीखा हमला
मुख्यमंत्री अफरीदी ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के 2.5 करोड़ लोगों के प्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार खतरनाक मिसाल है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पूरे सूबे को सौतेली मां जैसा व्यवहार क्यों झेलना पड़ रहा है। उनका आरोप था कि खान की बहनों, वकीलों, डॉक्टरों और पार्टी नेताओं तक को मुलाकात नहीं दी जा रही।
इमरान का बेटा कासिम बोला-पिता को कुछ हुआ तो सरकार जिम्मेदार
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता को मौत की कोठरी में पूरी तरह अलग-थलग रखा गया है। परिवार को उनसे मिलने या उनकी हालत जानने नहीं दिया जा रहा है। अगर उन्हें कुछ हुआ तो पूरी तरह पाकिस्तान सरकार जिम्मेदार होगी। कासिम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इमरान को गिरफ्तार हुए 845 दिन हो चुके हैं। पिछले छह हफ्तों से उन्हें पूरी तरह एकांत में रखा गया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद बहनों को मिलने से रोका जा रहा है, न फोन कॉल की अनुमति है। उन्होंने दावा किया कि यह सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि पिता की हकीकत छिपाने के लिए की गई है। कासिम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, मानवाधिकार संगठनों और लोकतांत्रिक देशों से हस्तक्षेप की अपील की।
इमरान की सेहत पर सवाल
पीटीआई की ओर से लगातार दावा किया जा रहा है कि इमरान खान को अलग-थलग रखकर उनकी सेहत से समझौता किया जा रहा है। पार्टी से जुड़े जुल्फी बुखारी ने कहा कि 4 नवंबर के बाद से किसी ने भी इमरान को नहीं देखा। उन्होंने तुरंत परिवार और वकीलों को मिलने की अनुमति देने की मांग की।
जेल प्रशासन ने खारिज किए आरोप
अदियाला जेल प्रशासन ने इन आरोपों को गलत बताया। अधिकारियों ने कहा कि इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें दूसरे किसी फैसिलिटी में शिफ्ट करने की भी कोई योजना नहीं है। जेल प्रशासन के अनुसार, मुलाकात रोकने के आरोपों का भी कोई आधार नहीं है।
अगस्त 2023 से लगातार जेल में हैं इमरान
इमरान खान अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में बंद हैं। मुलाकात को लेकर लगातार विवाद बढ़ रहा है और अब CM स्तर पर हुए इस विरोध ने पाकिस्तान की राजनीति में नया टकराव पैदा कर दिया है। अफरीदी ने चेतावनी दी कि अधिकारी तय करें कि वे किसके साथ खड़े हैं, क्योंकि अब PTI अंतिम विकल्प पर विचार कर रही है।
साभार : अमर उजाला
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