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उत्तर भारत में शीतलहर का कहर, पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. 30 दिसंबर 2025 साल के अंत में उत्तर और उत्तर-पूर्वी भारत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, आज देश के कई हिस्सों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) और भारी हिमपात की स्थिति बनी हुई है।

मुख्य अपडेट: प्रमुख राज्यों का हाल

  • पहाड़ों पर बर्फबारी: एक सक्रिय ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाइयों वाले इलाकों में आज हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश हो रही है। पर्यटकों को ऊंचाई वाले रास्तों पर फिसलन के प्रति सतर्क किया गया है।

  • मैदानी इलाकों में कोहरा: दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आज सुबह ‘घना से बहुत घना’ कोहरा छाया रहा। कई स्थानों पर दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है।

  • शीतलहर (Cold Wave): पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। बिहार और झारखंड में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

प्रमुख शहरों का अनुमानित तापमान (30 दिसंबर)

शहरअधिकतम तापमानन्यूनतम तापमानमौसम की स्थिति
दिल्ली21°C07°Cसुबह घना कोहरा, दिन में साफ
लखनऊ19°C09°Cकोल्ड डे की स्थिति, कोहरा
पटना17°C11°Cबहुत अधिक ठंड और कोहरा
श्रीनगर04°C-3°Cबर्फबारी के आसार
मुंबई28°C23°Cसुहावना मौसम
चेन्नई29°C23°Cहल्की बारिश की संभावना

विशेष चेतावनी और सुझाव

IMD अलर्ट: उत्तर भारत के यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घने कोहरे के कारण यात्रा की योजना सावधानी से बनाएं। दक्षिण भारत के तटीय इलाकों, विशेषकर तमिलनाडु और अंडमान निकोबार, में गरज के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।