मुंबई. भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2025 का आखिरी सप्ताह कमजोरी के साथ शुरू हुआ। सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली और प्रमुख सेक्टर्स में मुनाफावसूली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तरों से नीचे फिसल गए।
बाजार का लेखा-जोखा (Closing Highlights)
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BSE Sensex: 346 अंक (0.41%) गिरकर 84,695 के स्तर पर बंद हुआ।
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NSE Nifty: 100 अंक (0.38%) की गिरावट के साथ 25,942 पर आ गया।
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Bank Nifty: 79 अंक गिरकर 58,932 के स्तर पर बंद हुआ।
आज की गिरावट के मुख्य कारण
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FIIs की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार चौथे दिन भारतीय बाजारों से पैसा निकालना जारी रहा।
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सेक्टोरल दबाव: आईटी, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। खासतौर पर HCL Tech और Adani Ports में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
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वैश्विक संकेत: नए साल की छुट्टियों के कारण वैश्विक बाजारों में वॉल्यूम कम रहा, जिससे घरेलू बाजार को कोई ठोस सहारा नहीं मिला।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
| टॉप गेनर्स (Top Gainers) | टॉप लूजर्स (Top Losers) |
| टाटा स्टील (Tata Steel) | अदानी पोर्ट्स (Adani Ports) |
| एशियन पेंट्स (Asian Paints) | एचसीएल टेक (HCL Tech) |
| एनटीपीसी (NTPC) | ट्रेंट (Trent) |
| नेस्ले इंडिया (Nestle India) | बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) |
निवेशकों के लिए आगे की राह
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक फिलहाल ‘इंतजार करो और देखो’ की नीति अपना रहे हैं। बाजार अब 2026 की शुरुआत के लिए नए ट्रिगर्स का इंतजार कर रहा है। आज आने वाले IIP (औद्योगिक उत्पादन) के आंकड़े भी बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विशेष नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी बड़े निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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