रविवार, सितंबर 20 2026 | 12:36:24 PM

एनडीए ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जारी किया अपना घोषणापत्र ‘संकल्प पत्र 2025’

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र आज जारी कर दिया है. इसे संकल्प पत्र नाम दिया गया है. महागठबंधन ने अपना घोषणा पत्र 28 अक्टूबर को ही जारी कर दिया था तेजस्वी यादव ने गठबंधन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि घोषणापत्र की हर बात दिल से लिया गया संकल्प है और इसे पूरा करने के लिए वे हर कीमत चुकाने को तैयार हैं. उन्होंने कहा था कि दलों और दिलों का संकल्प और प्रण है, एक-एक घोषणा दिल से लिया हुआ प्रण है. इसके लिए हमें प्रण को प्राण खोकर भी पूरा करना पड़े तो हम अपने प्रण को पूरा करेंगे. जब भी कोई बिहारी ठान लेता है तो उसको पूरा करता है. हम सब लोग नौजवान हैं और बिहार को अव्वल राज्यों में देखना चाहते हैं, विकसित बिहार देखना चाहते हैं.

किसके लिए क्या एनडीए का घोषणा पत्र महागठबंधन का प्रण
रोजगार एक करोड़ रोजगार देने का वादा जिस परिवार में नौकरी नहीं, एक सदस्य नौकरी देने का वादा 
महिलाओं के लिए 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का वादा जीविका दीदियों को 30,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे
रोजगार का रोडमैप हर जिले में फैक्‍ट्री औधोगिक पार्क लगाने की योजना 5साल के कार्यकाल के दौरान सवा करोड़ रोजगार का सृजन 
पढ़ने वालों के लिए गरीब परिवार के लोगों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती में तेजी और स्कॉलरशिप योजना
हायर एजुकेशन के लिए एजुकेशन सिटी का निर्माण किया जाएगा जिला स्तर पर मेडिकल कॉलेजों की स्थापना
डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पटना, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया में इंटरनेशनल एयरपोर्ट और 4 नये शहरों में मेट्रो लाने की योजना 5 नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे
किसानों के लिए किसान सम्मान निधि 6000 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये की जाएगी, सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सभी फसलों की खरीद की गारंटी दी जाएगी
बिजली बिल में राहत हर परिवार को 125 यूनिट मुफ्त बिजली  हर परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी
पंचायतों के लिए एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर में 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश सभी पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना किया जाएगा और पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन दी जाएगी
धर्म के नाम पर मां जानकी की जन्मस्थली का विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी सीतापुरम के रूप में विकास और विष्णुपद और महाबोधि कॉरिडोर का निर्माण, बौद्ध एवं गंगा सर्किट का विकास अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी और वक्फ (संशोधन) अधिनियम पर रोक लगाई जाएगी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।