मंगलवार, जनवरी 27 2026 | 12:17:06 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / जवाबी कार्रवाई: ईरान ने कनाडा की ‘रॉयल कैनेडियन नेवी’ को घोषित किया आतंकवादी संगठन

जवाबी कार्रवाई: ईरान ने कनाडा की ‘रॉयल कैनेडियन नेवी’ को घोषित किया आतंकवादी संगठन

Follow us on:

तेहरान. ईरान और कनाडा के बीच कूटनीतिक कड़वाहट एक नए स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कनाडा की नौसेना, जिसे ‘रॉयल कैनेडियन नेवी’ कहा जाता है, को एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित कर दिया है।

ईरान का यह कदम सीधे तौर पर जून 2024 में कनाडा द्वारा ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी सूची में डालने का पलटवार माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम और ईरान का पक्ष

ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह निर्णय ‘पारस्परिकता के सिद्धांत’ (Principle of Reciprocity) के तहत लिया गया है। ईरान ने अपनी कार्रवाई के समर्थन में निम्नलिखित तर्क दिए हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन: ईरान का तर्क है कि कनाडा ने 2024 में ईरान की आधिकारिक सेना (IRGC) को प्रतिबंधित कर अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संप्रभुता के सिद्धांतों का उल्लंघन किया था।

  • जवाबी कानून: तेहरान ने 2019 के एक घरेलू कानून का हवाला दिया, जो सरकार को उन देशों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की शक्ति देता है जो अमेरिका के नक्शेकदम पर चलते हुए ईरानी सैन्य अंगों को निशाना बनाते हैं।

  • प्रतिक्रिया: ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओटावा का फैसला अवैध था, इसलिए वे अब कनाडा की नौसेना को एक आतंकवादी इकाई के रूप में पहचानते हैं।

विवाद की जड़: IRGC पर प्रतिबंध

कनाडा ने जून 2024 में IRGC को आतंकी सूची में शामिल किया था, जिसके बाद:

  1. IRGC के हजारों अधिकारियों के कनाडा में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

  2. कनाडा में मौजूद उनकी संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश दिया गया।

  3. कनाडा ने ईरान पर मानवाधिकारों के उल्लंघन और फ्लाइट PS752 को मार गिराने का आरोप लगाया था (जिसमें 85 कनाडाई नागरिक मारे गए थे)।

तनाव का भविष्य

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के इस कदम से व्यावहारिक स्तर पर कनाडा की नौसेना पर शायद ही कोई सीधा प्रभाव पड़े, लेकिन यह दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य और राजनयिक दुश्मनी का प्रतीक है। ईरान और कनाडा के बीच 2012 से ही कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।

नोट: ईरान ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस घोषणा के बाद वह कनाडाई नौसैनिक कर्मियों या जहाजों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में क्या कानूनी या सैन्य कदम उठाएगा।

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

एयर फ्रांस (Air France) विमान और इजराइल का झंडा।

क्या मिडिल ईस्ट में शुरू होने वाला है महायुद्ध? एयर फ्रांस और KLM की उड़ानें रद्द, भारत पर मंडराया आर्थिक संकट

पेरिस. मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) एक बार फिर बारूद के ढेर पर खड़ा नजर आ …