नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह बजट विकसित भारत 2047 के विज़न को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें मध्यम वर्ग को आयकर राहत, विनिर्माण और MSME को प्रोत्साहन, रिकॉर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, और कृषि–ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है।
सरकार का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष में तेज़ आर्थिक विकास, रोज़गार सृजन, और निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करना है।
आयकर में बड़ी राहत: मध्यम वर्ग को सीधा फायदा
बजट 2026-27 में नई कर व्यवस्था को और आकर्षक बनाया गया है ताकि करदाताओं की बचत और खपत क्षमता दोनों बढ़ें।
मुख्य आयकर घोषणाएँ
- नया आयकर अधिनियम 2025: 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे टैक्स सिस्टम सरल और डिजिटल बनेगा।
- नई टैक्स व्यवस्था: ₹12 लाख तक की वार्षिक आय प्रभावी रूप से कर-मुक्त (धारा 87A के तहत रिबेट)।
- स्टैंडर्ड डिडक्शन: वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए बढ़ाकर ₹75,000।
- LRS पर TCS में कटौती: विदेश में शिक्षा और चिकित्सा खर्च के लिए 5% से घटाकर 2%।
- स्वास्थ्य राहत: 17 जीवनरक्षक कैंसर दवाओं को BCD से पूरी छूट, जिससे इलाज सस्ता होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे: रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स
सरकार ने बुनियादी ढांचे को विकास का इंजन मानते हुए अब तक का सबसे बड़ा ₹12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय तय किया है।
प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर फैसले
- 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर – मुंबई–पुणे, दिल्ली–वाराणसी जैसे प्रमुख रूट शामिल।
- 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।
- ‘सिटी इकोनॉमिक रीजन्स’ योजना – टियर-II और टियर-III शहरों में उद्योग और रोज़गार को बढ़ावा।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: तकनीक के साथ विकास
कृषि क्षेत्र के लिए बजट में ₹1.37 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है।
- PM किसान योजना को निरंतर समर्थन।
- भारत VISTAAR पोर्टल: AI-आधारित प्लेटफॉर्म, जिससे किसानों को मौसम, फसल और बाज़ार से जुड़ी रियल-टाइम जानकारी मिलेगी।
- हॉर्टिकल्चर मिशन: काजू, कोको और अखरोट जैसी उच्च-मूल्य फसलों के लिए विशेष कार्यक्रम।
मैन्युफैक्चरिंग और MSME: आत्मनिर्भर भारत की रफ्तार
बजट 2026-27 में विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया है।
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0: देश में चिप निर्माण को नई गति।
- SME ग्रोथ फंड: छोटे उद्योगों के लिए ₹10,000 करोड़।
- बायोफार्मा शक्ति योजना: दवाओं और वैक्सीन उत्पादन के लिए ₹10,000 करोड़।
शेयर बाजार और निवेश: नए टैक्स नियम
- STT में बढ़ोतरी:
- फ्यूचर्स पर 0.05%
- ऑप्शंस पर 0.15%
- शेयर बायबैक टैक्स: अब बायबैक से होने वाली आय कैपिटल गेन टैक्स के दायरे में।
राजकोषीय स्थिति और आर्थिक अनुमान
- राजकोषीय घाटा (FY 2026-27): GDP का 4.3%।
- GDP ग्रोथ अनुमान: 7% से 7.5%, जो भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखेगा।
केंद्रीय बजट 2026-27 को मध्यम वर्ग के लिए राहत, उद्योगों के लिए अवसर और अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता का बजट माना जा रहा है। आयकर सुधार से जहां आम लोगों की जेब मजबूत होगी, वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और कृषि में बड़े निवेश से रोज़गार और विकास को नई दिशा मिलेगी।
👉 कुल मिलाकर, यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य की ओर एक निर्णायक और संतुलित कदम है।
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