नई दिल्ली. केंद्रीय बजट 2026 के दिन भारतीय शेयर बाजार में ज़बरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। रविवार को हुए विशेष ट्रेडिंग सत्र के दौरान निवेशकों ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर Securities Transaction Tax (STT) बढ़ाने के प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिससे बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ।
📊 शेयर बाजार का हाल (Closing Bell – Budget Day 2026)
| इंडेक्स | बंद स्तर | गिरावट (अंक) | गिरावट (%) |
|---|---|---|---|
| BSE Sensex | 80,722.94 | -1,546.84 | -1.88% |
| NSE Nifty 50 | 24,825.45 | -495.20 | -1.96% |
🔎 बाजार गिरने की मुख्य वजहें
✅ F&O पर STT में बढ़ोतरी
वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण में डेरिवेटिव ट्रेडिंग (F&O) पर STT को 0.10% से बढ़ाकर 0.15% करने का प्रस्ताव रखा गया। इस घोषणा से शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स और हाई-वॉल्यूम डेरिवेटिव निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिससे तेज़ बिकवाली शुरू हो गई।
✅ रविवार को ऐतिहासिक ट्रेडिंग
यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के चुनिंदा मौकों में से एक रहा, जब बजट के कारण रविवार को BSE और NSE में ट्रेडिंग हुई। बजट घोषणाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया के चलते वोलैटिलिटी काफी अधिक रही।
✅ मार्केट कैप में भारी नुकसान
आज की गिरावट के चलते निवेशकों की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में करीब ₹9.72 लाख करोड़ की कमी दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों में बजट डे की सबसे बड़ी गिरावटों में शामिल है।
📈 टॉप गेनर्स (Budget Day Gainers)
बाजार में बिकवाली के बावजूद आईटी और फार्मा सेक्टर में चुनिंदा शेयरों ने मजबूती दिखाई:
- Wipro: +2.12%
- Tata Consultancy Services (TCS): +1.74%
- Max Healthcare: +1.82%
- Cipla: +1.44%
विश्लेषण:
आईटी शेयरों को रुपये में कमजोरी और फार्मा सेक्टर को डिफेंसिव निवेश के रूप में समर्थन मिला।
📉 टॉप लूजर्स (Budget Day Losers)
सरकारी, मेटल और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला:
- Bharat Electronics (BEL): -6.02%
- Hindalco Industries: -5.78%
- ONGC: -5.50%
- State Bank of India (SBI): -5.31%
- Adani Ports and SEZ: -5.06%
🧠 निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह बजट?
- F&O ट्रेडिंग महंगी होने से शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है।
- लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह गिरावट मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में चरणबद्ध निवेश का अवसर बन सकती है।
- आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा बजट प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा, ग्लोबल मार्केट संकेतों और RBI के रुख पर निर्भर करेगी।
📝 निष्कर्ष (Conclusion)
बजट 2026 के दिन आई यह तेज़ गिरावट दिखाती है कि टैक्स और डेरिवेटिव से जुड़े फैसले बाजार की भावनाओं को कितनी जल्दी प्रभावित करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बजट के बाद की यह अस्थिरता अस्थायी हो सकती है और आने वाले दिनों में बाजार स्थिरता की ओर बढ़ सकता है।
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