जम्मू । सोमवार, 1 जून 2026
आस्था और रोमांच से भरी वार्षिक अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत आगामी 3 जुलाई से होने जा रही है। इस वर्ष यह पवित्र तीर्थयात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी, जिसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन (श्रावण पूर्णिमा) के पावन अवसर पर होगा। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा बलों ने अपनी तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं।
जम्मू के मंडल आयुक्त (डिवीजनल कमिश्नर) रमेश कुमार और पुलिस महानिरीक्षक (IGP) जम्मू भीम सेन तुती ने हाल ही में मुख्य बेस कैंप ‘भगवती नगर’ का दौरा कर जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।
10 जून तक सभी काम पूरे करने की समयसीमा (Deadline)
प्रशासनिक अधिकारियों ने यात्रियों की सहूलियत के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। मंडल आयुक्त रमेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 10 जून 2026 तक सभी आवश्यक नागरिक कार्य अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं।
इस बार बेस कैंप और ठहरने वाले स्थानों (लॉजमेंट सेंटरों) पर कई आधुनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं:
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जर्मन हैंगर और आवास: यात्रियों को मौसम की मार से बचाने के लिए मजबूत जर्मन हैंगर और वॉटरप्रूफ टेंट लगाए जा रहे हैं।
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पंजीकरण और आरएफआईडी (RFID): बेस कैंप पर ही सुचारू पंजीकरण काउंटर और आरएफआईडी केंद्र बनाए गए हैं, जहां से यात्रियों को अनिवार्य ट्रैकिंग कार्ड जारी किए जाएंगे।
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बिजली, पानी और स्वास्थ्य: बिजली विभाग को 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई और पर्याप्त बैकअप जनरेटर रखने को कहा गया है। इसके अलावा शुद्ध पेयजल, आधुनिक वॉशरुम, प्रीपेड सिम कार्ड काउंटर और हाई-टेक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की जा रही है।
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सुरक्षा और ऑडिट: सड़कों को दुरुस्त (ब्लैकटॉप) करने के साथ-साथ अग्निशमन विभाग को पूरे परिसर का व्यापक ‘फायर सेफ्टी ऑडिट’ करने का जिम्मा सौंपा गया है।
सुरक्षा का थ्री-टियर ब्लूप्रिंट: ड्रोन और डॉग स्क्वॉड तैनात
अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), खुफिया एजेंसियों और पड़ोसी राज्य पंजाब की पुलिस के बीच एक मजबूत सुरक्षा चक्र (कोऑर्डिनेशन) तैयार किया गया है।
आईजीपी भीम सेन तुती के अनुसार, इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिकतम तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है:
[हाई-वे व सीमावर्ती गश्त] ➔ [सीसीटीवी व ड्रोन लाइव मॉनिटरिंग] ➔ [क्विक रिस्पांस टीम (QRT) व डॉग स्क्वॉड]
लखनपुर बेस कैंप से लेकर कश्मीर के मुख्य मार्गों तक चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में एंटी-सबोटॉज चेकिंग के लिए विशेष डॉग स्क्वॉड और ड्रोन तैनात रहेंगे। जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर 24 घंटे नाका चेकिंग और गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही, सभी सुरक्षाकर्मियों को तीर्थयात्रियों के साथ अत्यंत शालीन और पेशेवर व्यवहार करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
अमरनाथ यात्रा 2026 के दो मुख्य मार्ग (Routes)
इस वर्ष भी श्रद्धालु दो अलग-अलग पारंपरिक रास्तों से पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंच सकते हैं। दोनों मार्गों पर अलग तरह की भौगोलिक चुनौतियां होती हैं:
| रूट का नाम | प्रस्थान बिंदु (जिला) | कुल दूरी | प्रकृति व समय |
| नुनवान-पहलगाम मार्ग | अनंतनाग | लगभग 48 किमी | पारंपरिक, सुंदर और क्रमिक चढ़ाई (3 से 5 दिन) |
| बालटाल मार्ग | गांदरबल | लगभग 14 किमी | छोटा रास्ता, लेकिन बेहद खड़ी व कठिन चढ़ाई (1 से 2 दिन) |
यात्रियों के लिए विशेष सूचना: अमरनाथ गुफा लगभग 12,756 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां ऑक्सीजन का स्तर कम होता है। इसलिए, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले 4-5 किलोमीटर पैदल चलने का अभ्यास करें और अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC) और आरएफआईडी (RFID) कार्ड हमेशा अपने साथ रखें।
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