नई दिल्ली । मंगलवार, 1 सितंबर 2026
डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है। Telecommunications Act, 2023 के नए प्रावधानों के तहत मोबाइल IMEI नंबर से छेड़छाड़ करना, फर्जी पहचान पत्र के आधार पर SIM कार्ड खरीदना या अपने SIM का गलत इस्तेमाल होने देना अब एक गंभीर और संज्ञेय (cognizable) अपराध माना जाएगा।
यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे 3 साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।
IMEI और SIM कार्ड से जुड़े नए कड़े नियम
साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर कनेक्शन फर्जी दस्तावेजों या अनधिकृत रूप से बदले गए IMEI नंबरों के जरिए चलाए जाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए विभाग ने निम्नलिखित गतिविधियों को सख्त कानून के दायरे में रखा है:
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IMEI नंबर में बदलाव या छेड़छाड़: अपने मोबाइल के मूल IMEI नंबर को बदलना, क्लोन करना या अनधिकृत तकनीशियन से रिपेयर के नाम पर बदलवाना पूरी तरह गैर-कानूनी है।
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फर्जी दस्तावेजों पर SIM लेना: किसी अन्य व्यक्ति के आधार कार्ड, फोटो या फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करके SIM हासिल करना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
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अपनी पहचान के SIM का गलत इस्तेमाल: अगर आपके नाम पर जारी SIM किसी आपराधिक गतिविधि या ठगी में इस्तेमाल होता है, तो SIM मालिक को भी कानूनी जांच का सामना करना पड़ सकता है।
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Caller ID (CLI) से छेड़छाड़: कॉल करने के दौरान अपनी पहचान छिपाने (Caller ID Spoofing) या टेलीकॉम आइडेंटिफायर्स से छेड़छाड़ पर सीधी कार्रवाई होगी।
ध्यान दें: सामान्य और सही प्रक्रिया से अपने नाम पर SIM खरीदना या इस्तेमाल करना कोई अपराध नहीं है। कार्रवाई केवल धोखाधड़ी, जाली दस्तावेजों और गलत इरादे से की गई छेड़छाड़ पर ही होगी।
नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइड: तुरंत करें ये काम
अपने आपको किसी भी संभावित कानूनी परेशानी या साइबर ठगी से बचाने के लिए नागरिकों को समय-समय पर अपने नाम पर पंजीकृत SIM की स्थिति जांचते रहना चाहिए।
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Sanchar Saathi पोर्टल का उपयोग करें: दूरसंचार विभाग का अधिकारिक पोर्टल Sanchar Saathi (TAFCOP) नागरिकों को यह चेक करने की सुविधा देता है कि उनके आधार/नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं।
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अनजान SIM को तुरंत रिपोर्ट करें: यदि TAFCOP पोर्टल पर आपको कोई ऐसा मोबाइल नंबर दिखाई दे जो आपका नहीं है या जिसे आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो उसे तुरंत पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट और ब्लॉक करें।
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दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखें: किसी भी अनधिकृत विक्रेता या अनजान व्यक्ति के साथ अपने आधार कार्ड और बायोमेट्रिक विवरण साझा न करें।
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अधिकृत केंद्र से ही रिपेयर कराएं: अपने स्मार्टफोन को हमेशा अधिकृत (Authorized) सर्विस सेंटर से ही ठीक कराएं ताकि IMEI नंबर के साथ कोई छेड़छाड़ न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या फर्जी दस्तावेज पर SIM लेने पर जमानत मिल सकती है?
उत्तर: Telecommunications Act, 2023 के तहत गंभीर मामलों में फर्जी दस्तावेज पर SIM लेना या IMEI बदलना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध माना जा सकता है।
Q2. मेरे नाम पर कितने SIM चालू हैं, यह कैसे पता करें?
उत्तर: आप सरकार के अधिकारिक Sanchar Saathi पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर और OTP के जरिए आसानी से देख सकते हैं कि आपके नाम पर कुल कितने कनेक्शन एक्टिव हैं।
Q3. अगर दुकान वाले ने रिपेयरिंग के दौरान फोन का IMEI बदल दिया तो क्या होगा?
उत्तर: IMEI नंबर से छेड़छाड़ करना कानूनन अपराध है। इसलिए हमेशा अधिकृत (Authorized) सर्विस सेंटर पर ही फोन रिपेयर कराएं और बिल रसीद संभाल कर रखें।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख केवल जन जागरूकता और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। कानून और टेलीकॉम नियमों में किसी भी आधिकारिक बदलाव या कानूनी सलाह के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) की आधिकारिक वेबसाइट (dot.gov.in) या sancharsaathi.gov.in पर जाएं।
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