मुंबई. इस सप्ताह भारतीय बेंचमार्क सूचकांक, Sensex और Nifty 50, एक सीमित दायरे (Range-bound) में कारोबार करते दिखे। सप्ताह की शुरुआत 29 दिसंबर को सपाट हुई थी, लेकिन साल के आखिरी दिन (31 दिसंबर) बाजार में अच्छी रिकवरी देखी गई। हालांकि, नए साल के पहले दो दिनों (1 और 2 जनवरी) में मुनाफावसूली (Profit booking) और वैश्विक संकेतों की कमी के कारण बाजार फिर से स्थिर या थोड़े दबाव में नजर आए।
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Sensex: लगभग 85,100 – 85,250 के स्तर के आसपास घूमता रहा।
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Nifty 50: मनोवैज्ञानिक स्तर 26,000 के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रहा।
2025 का समापन: 10 साल की ऐतिहासिक बढ़त
31 दिसंबर 2025 को बाजार ने एक खास उपलब्धि हासिल की। निफ्टी ने लगातार 10वें साल पॉजिटिव रिटर्न देने का रिकॉर्ड बनाया। 2025 में चुनौतियों (जैसे विदेशी निवेशकों की बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव) के बावजूद, निफ्टी ने करीब 10.5% का सालाना रिटर्न दिया, जबकि सेंसेक्स लगभग 8.5% बढ़त के साथ बंद हुआ।
इस सप्ताह के मुख्य ट्रिगर्स
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FII और DII की चाल: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) की बिकवाली का सिलसिला जारी रहा, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की मजबूत खरीदारी ने बाजार को बड़े गिरने से बचाए रखा।
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दिसंबर ऑटो सेल्स: नए साल की शुरुआत में ऑटो कंपनियों द्वारा जारी दिसंबर के बिक्री आंकड़ों ने ऑटो सेक्टर के शेयरों (जैसे M&M, NTPC) में हलचल पैदा की।
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GST कलेक्शन: दिसंबर में GST कलेक्शन 1.75 लाख करोड़ रुपये रहा (6.1% की सालाना वृद्धि), जिससे आर्थिक स्थिरता के संकेत मिले।
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सेक्टर प्रदर्शन: इस सप्ताह ऑयल एंड गैस, पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर में खरीदारी देखी गई, जबकि IT और FMCG शेयरों में कुछ दबाव रहा। विशेषकर ITC और सिगरेट कंपनियों के शेयरों में टैक्स संबंधी चिंताओं के कारण गिरावट आई।
तकनीकी स्तर (Technical Outlook)
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर में है।
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Nifty के लिए: 26,000–25,800 एक मजबूत सपोर्ट जोन बना हुआ है, जबकि 26,300–26,500 पर कड़ा प्रतिरोध (Resistance) है।
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Bank Nifty: 59,000 के स्तर के पास स्थिर होने की कोशिश कर रहा है।
अगले सप्ताह इन क्षेत्रों और शेयरों पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है:
बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं (Banking & Financials)
अगले सप्ताह बाजार की दिशा तय करने में बैंकिंग सेक्टर की अहम भूमिका होगी।
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क्यों: बैंक निफ्टी 59,000 के महत्वपूर्ण स्तर के पास है। जनवरी के दूसरे सप्ताह से बैंकों के तीसरी तिमाही (Q3) के अपडेट्स आने शुरू होंगे।
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प्रमुख स्टॉक: HDFC Bank और ICICI Bank। यदि ये शेयर अपनी बढ़त बनाए रखते हैं, तो इंडेक्स को 26,300 के पार ले जा सकते हैं।
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PSU Banks: SBI और Canara Bank में निचले स्तरों पर खरीदारी देखी जा सकती है।
ऑटो सेक्टर (Auto Sector)
दिसंबर के बिक्री आंकड़ों का असर अगले सप्ताह भी जारी रहेगा।
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क्यों: ग्रामीण मांग में सुधार और नए साल के ऑफर्स के कारण ऑटो कंपनियों के नतीजे बेहतर रहने की उम्मीद है।
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प्रमुख स्टॉक: Mahindra & Mahindra (M&M) और Tata Motors। M&M अपने नए इलेक्ट्रिक और SUV पोर्टफोलियो के कारण चर्चा में है।
आईटी सेक्टर (IT Sector – विशेष ध्यान)
अगले सप्ताह के अंत में (लगभग 8-9 जनवरी) प्रमुख आईटी कंपनियां (जैसे TCS) अपने तिमाही नतीजे घोषित करना शुरू कर सकती हैं।
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क्यों: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और डॉलर इंडेक्स में स्थिरता आईटी शेयरों के लिए ‘मेक या ब्रेक’ की स्थिति पैदा करेगी।
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प्रमुख स्टॉक: TCS और Infosys। नतीजों से पहले इन शेयरों में उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ सकती है।
रक्षा और रेलवे (Defence & Railway)
बजट (फरवरी) से पहले इन सेक्टर्स में अक्सर ‘प्री-बजट रैली’ देखी जाती है।
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क्यों: सरकारी खर्च और नए ऑर्डर्स की उम्मीद में निवेशक इन शेयरों में पोजीशन बना सकते हैं।
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प्रमुख स्टॉक: HAL, BEL (Defence) और RVNL, IRFC (Railway)।
कंजम्पशन और एफएमसीजी (FMCG)
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स्थिति: इस सप्ताह ITC और अन्य सिगरेट कंपनियों पर टैक्स की चिंताओं के कारण दबाव रहा।
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रणनीति: यदि Hindustan Unilever (HUL) या Nestle अपने सपोर्ट लेवल से ऊपर आते हैं, तो यह रिकवरी का संकेत होगा।
अगले सप्ताह के लिए तकनीकी चार्ट (Technical View):
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Nifty 50: 25,850 एक बहुत मजबूत ‘सपोर्ट’ है। जब तक निफ्टी इसके ऊपर है, नजरिया ‘बाय ऑन डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) का रहना चाहिए। 26,400 के पार जाने पर नई तेजी संभव है।
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सावधानी: विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली का डेटा जरूर ट्रैक करें। यदि बिकवाली कम होती है, तो घरेलू निवेशकों (DII) के दम पर बाजार नया हाई बना सकता है।
Disclaimer: यह केवल एक विश्लेषण है, निवेश की सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा है, कृपया किसी भी ट्रेड से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा करें।
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