नूंह । मंगलवार, 2 जून 2026
हरियाणा के नूंह जिले से कानून-व्यवस्था और अपराध पर लगाम कसने से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात नूंह पुलिस और गोतस्करों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हो गई। तस्करों की ओर से की गई फायरिंग के जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें एक तस्कर के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध सामान और गोवंश बरामद किए हैं।
नाकाबंदी तोड़कर भागने की कोशिश और फायरिंग
घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात की है। नूंह-तावडू सीआईए (CIA) टीम और फिरोजपुर झिरका पुलिस की संयुक्त टीम को इनपुट मिला था कि एक्सप्रेसवे के रास्ते गोवंश की तस्करी की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मजबूत नाकाबंदी की हुई थी।
तभी पुलिस टीम को एक संदिग्ध पिकअप वाहन आता दिखाई दिया। जब पुलिसकर्मियों ने हाथ देकर वाहन को रोकने का इशारा किया, तो तस्करों ने रफ्तार कम करने के बजाय बैरिकेड्स और नाकाबंदी को तोड़ते हुए भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत उनका पीछा शुरू कर दिया। खुद को चारों तरफ से घिरता देख तस्करों ने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा और अपराधियों को दबोचने के लिए जवाबी कार्रवाई की। इस जवाबी फायरिंग में एक गो-तस्कर के पैर में गोली लग गई और वह वहीं ढेर हो गया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
मौके से हथियार और 7 गोवंशी बरामद
मुठभेड़ खत्म होने के बाद पुलिस ने जब पिकअप वाहन की तलाशी ली, तो उसमें क्रूरता से लादे गए 7 गोवंशी मिले, जिन्हें तुरंत तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। इसके साथ ही पुलिस ने:
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तस्करी में इस्तेमाल हो रहा एक पिकअप वाहन जब्त किया।
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मौके से एक अवैध कट्टा (देशी पिस्तौल) और कारतूस बरामद किए।
घायल तस्कर को पुलिस ने तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि फरार तस्करों की पहचान की जा रही है और उन्हें भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
डेढ़ महीने में छठी मुठभेड़: पुलिस का कड़ा रुख
नूंह जिला पुलिस इन दिनों गोकशी और गो-तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए एक विशेष अभियान चला रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले महज डेढ़ महीने के भीतर गो-तस्करों के साथ यह छठी मुठभेड़ है, जिसमें अब तक कुल 6 तस्कर पैर में गोली लगने से घायल हो चुके हैं।
पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि जिले में किसी भी प्रकार के अवैध धंधे या तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे सिंडिकेट और इसके पीछे काम कर रहे मुख्य सरगनाओं को चिन्हित कर लिया गया है और बहुत जल्द पूरे नेटवर्क पर पूरी तरह अंकुश लगा दिया जाएगा।
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