बेरूत । मंगलवार, 2 जून 2026
मध्य पूर्व (Middle East) में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजराइल और हिजबुल्ला के बीच तनाव कम होने के दावों के ठीक एक दिन बाद, मंगलवार को दक्षिणी लेबनान भीषण ड्रोन और हवाई हमलों से दहल उठा। इन ताजा हमलों में कम से कम आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जिससे एक बार फिर युद्ध विराम की उम्मीदें धुंधली होती नजर आ रही हैं।
हमलों की जमीनी हकीकत: एक हंसता-खेलता परिवार खत्म
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘नेशनल न्यूज एजेंसी’ (NNA) के अनुसार, मंगलवार को इजराइल के एक मानवरहित विमान (ड्रोन) ने मरजायौन कस्बे को नबातीयेह शहर से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर जा रही एक कार को निशाना बनाया।
इस हमले की सबसे दुखद बात यह रही कि इसमें ईसाई बहुल शहर ‘कलाया’ के रहने वाले एक मशहूर डेंटिस्ट (दंत चिकित्सक) जेम्स कैरम और उनके युवा पुत्र व पुत्री की मौके पर ही मौत हो गई। एक आम नागरिक और उनके बच्चों की इस हमले में मौत ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
इसके अलावा दक्षिणी लेबनान के अन्य हिस्सों में भी सिलसिलेवार हमले किए गए:
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जिबचित गांव: यहाँ एक नर्सरी (पौधशाला) पर हुए ड्रोन हमले में काम करने वाले दो सीरियाई नागरिकों की जान चली गई।
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तोल गांव: इस गांव के पास हुए हमले में भी दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
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हारूफ गांव: यहाँ भी एक चलती कार को निशाना बनाया गया, जिसमें एक व्यक्ति मारा गया।
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मारवानियेह गांव: इजराइल द्वारा किए गए एक अन्य हवाई हमले में छह लोगों के मारे जाने की खबर है।
इस बीच, लेबनानी सेना ने भी बयान जारी कर बताया कि नबातीयेह के बाहरी इलाके में हुए हमले में उनके दो सैनिक मामूली रूप से घायल हुए हैं।
ट्रंप के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा विरोधाभास
यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि सोमवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा था कि इजराइल और हिजबुल्ला दोनों ही संगठन तनाव कम करने और पीछे हटने पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर लंबी बातचीत की थी और मध्यस्थों के जरिए लेबनानी उग्रवादी समूह हिजबुल्ला के शीर्ष अधिकारियों से भी संपर्क साधा था। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा था, “बेरुत में कोई अमेरिकी सेना नहीं भेजी जाएगी।”
लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के इन बयानों के ठीक उलट, इजराइल ने सोमवार को ही लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर भीषण बमबारी करने की खुली धमकी दे दी। इस धमकी के बाद पूरी राजधानी में दहशत का माहौल बन गया और हजारों नागरिक अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भागने लगे।
हिजबुल्ला का पलटवार और भविष्य की चिंताएं
इजराइल की इस आक्रामकता के जवाब में हिजबुल्ला ने भी उत्तरी इजराइल की ओर एक के बाद एक कई रॉकेट दागे। मंगलवार को हिजबुल्ला ने दावा किया कि इजराइल सीमा से करीब सात किलोमीटर दूर ‘हदाथा गांव’ में घुसने की कोशिश कर रहे इजराइली सैनिकों पर उनके लड़ाकों ने टैंक-रोधी (Anti-tank) मिसाइलों से हमला किया। हिजबुल्ला के इस पलटवार के बाद उत्तरी इजराइल के कई शहरों में हवाई हमलों की चेतावनी देने वाले सायरन गूंज उठे।
महत्वपूर्ण विश्लेषण: अमेरिका की मध्यस्थता में इसी साल अप्रैल (2026) में दोनों पक्षों के बीच एक संघर्ष-विराम (Ceasefire) समझौते पर सहमति बनी थी। लेकिन जमीनी स्तर पर दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर लगातार उल्लंघन के आरोप लगाकर हमले कर रहे हैं, जो यह दिखाता है कि कागजी समझौते जमीनी दुश्मनी को शांत करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
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