मुंबई. वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी सदानंद वसंत दाते ने शनिवार, 3 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) और पुलिस बल के प्रमुख (HoPF) के रूप में पदभार ग्रहण किया। 1990 बैच के अधिकारी दाते ने निवर्तमान डीजीपी रश्मि शुक्ला का स्थान लिया है, जो 37 साल से अधिक की सेवा के बाद आज सेवानिवृत्त हुईं।
दो साल का होगा निश्चित कार्यकाल
महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सदानंद दाते को दो साल के निश्चित कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, इस पद पर उनकी नियुक्ति उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि (दिसंबर 2026) के बाद भी जारी रह सकती है ताकि वे अपना दो साल का कार्यकाल पूरा कर सकें।
शौर्य और अनुभव का संगम
सदानंद दाते की छवि एक बेहद ईमानदार और जांबाज अधिकारी की रही है:
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26/11 के हीरो: 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान उन्होंने कामा अस्पताल की छत पर आतंकवादियों अजमल कसाब और अबू इस्माइल का डटकर मुकाबला किया था। ग्रेनेड के छर्रों से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वे अंत तक लड़ते रहे। उनके इस अदम्य साहस के लिए उन्हें ‘राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक’ से सम्मानित किया गया था।
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महत्वपूर्ण पदों पर अनुभव: महाराष्ट्र के डीजीपी बनने से पहले वे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा वे महाराष्ट्र एटीएस (ATS) प्रमुख, मीरा-भायंदर-वसई-विरार के पहले पुलिस आयुक्त और सीबीआई में डीआईजी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
चुनौतीपूर्ण समय में कमान
सदानंद दाते ऐसे समय में राज्य पुलिस की कमान संभाल रहे हैं जब महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव और अन्य महत्वपूर्ण कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां सामने हैं। उन्होंने पदभार संभालने के बाद राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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