नई दिल्ली. संसद के बजट सत्र के पांचवें दिन लोकसभा की कार्यवाही उस समय पूरी तरह बाधित हो गई, जब विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हंगामे में बदल गई। सदन की मर्यादा भंग करने और पीठासीन अधिकारी की ओर कागज उछालने के आरोप में कांग्रेस के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद संसद परिसर से लेकर सियासी गलियारों तक माहौल गरमा गया।
🚫 क्यों हुई यह बड़ी कार्रवाई?
दोपहर की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसद वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ सांसदों ने आसन (Chair) की ओर कागज फाड़कर उछाले, जिसे सदन की गरिमा के खिलाफ माना गया।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इसे अशोभनीय और अस्वीकार्य आचरण बताते हुए निलंबन का प्रस्ताव रखा। सदन ने इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया।
📋 निलंबित सांसदों के नाम
निलंबन झेलने वाले कांग्रेस सांसदों में प्रमुख रूप से ये नाम शामिल हैं:
- मणिकम टैगोर
- गुरजीत सिंह औजला
- अमरिंदर सिंह राजा वारिंग
- हिबी ईडन
- किरण कुमार रेड्डी
- वेंकट रमण
🔎 कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में प्रशांत पाडोले और डीन कुरियाकोस के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे कुल निलंबित सांसदों की संख्या 8 मानी जा रही है।
🔥 हंगामे की असली वजह क्या रही?
लोकसभा में टकराव के पीछे दो बड़े और संवेदनशील मुद्दे सामने आए:
1️⃣ भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विवाद
विपक्ष का आरोप है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों पर टैरिफ में भारी छूट दी जा रही है, जिससे भारतीय किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस ने इसे किसान विरोधी समझौता बताते हुए तत्काल चर्चा की मांग की।
2️⃣ चीन सीमा विवाद और नरवणे की किताब
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित संस्मरणों का हवाला देते हुए चीन सीमा विवाद पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
सत्ता पक्ष ने संसद में अप्रकाशित सामग्री का हवाला देने पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद हंगामा और बढ़ गया।
📢 राहुल-प्रियंका का धरना, सरकार पर आरोप
सांसदों के निलंबन के बाद कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया।
राहुल गांधी का बयान:
“सरकार बहस से डर रही है। जब हमने राष्ट्रीय सुरक्षा और किसानों के मुद्दे उठाए, तो हमारे सांसदों को निलंबित कर दिया गया।”
वहीं सत्ता पक्ष की ओर से जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है और उसका आचरण गैर-लोकतांत्रिक है।
🏛️ सियासी असर और आगे की राह
लोकसभा में हुए इस घटनाक्रम ने बजट सत्र की दिशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष ने जहां निलंबन वापस लेने की मांग तेज कर दी है, वहीं सरकार अनुशासन और संसदीय मर्यादा पर जोर दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि गतिरोध जल्द नहीं टूटा, तो बजट सत्र का बड़ा हिस्सा हंगामे की भेंट चढ़ सकता है।
Matribhumisamachar


