रामगढ़ | 03 अप्रैल, 2026
झारखंड के प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में रामगढ़ जिला प्रशासन ने निर्णायक कदम उठा लिया है। हाईकोर्ट के सख्त आदेशों के बाद, प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की समय-सीमा समाप्त होते ही कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली है। गुरुवार शाम को अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के नेतृत्व में की गई हाई-प्रोवैल जांच इस बात का संकेत है कि अब किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
🔎 नोटिस की अवधि समाप्त, रडार पर 254 दुकानें
जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर 25 मार्च 2026 को एक विस्तृत सर्वे किया था। इस सर्वे में कुल 254 दुकानों को अवैध अतिक्रमण की श्रेणी में रखा गया।
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सभी दुकानदारों को 15 दिनों का वैधानिक नोटिस दिया गया था, जिसकी अवधि अब समाप्त हो रही है।
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नोटिस में साफ कहा गया था कि निर्धारित समय के भीतर स्वयं अतिक्रमण न हटाने पर प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करेगा और इसका खर्च भी संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा।
⚖️ हाईकोर्ट की सख्ती और ‘रेड जोन’ का निर्माण
यह प्रशासनिक सक्रियता झारखंड हाईकोर्ट के हालिया हस्तक्षेप का परिणाम है। कोर्ट ने मंदिर के पास भैरवी और दामोदर नदी के संगम पर श्रद्धालुओं के डूबने की घटनाओं पर चिंता जताई थी।
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सुरक्षा घेरा: कोर्ट के निर्देशानुसार, नदी तट पर ‘रेड जोन’ बनाकर बैरिकेडिंग की जा रही है।
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ब्यूटीफिकेशन प्लान: पर्यटन सचिव और रामगढ़ उपायुक्त को निर्देश दिया गया है कि वे मंदिर के सौंदर्यीकरण का विस्तृत मास्टर प्लान पेश करें, जिसमें अतिक्रमण मुक्त परिसर अनिवार्य शर्त है।
👮 प्रशासनिक टीम का ‘ऑन-स्पॉट’ निरीक्षण
डीसी के निर्देश पर एसडीओ अनुराग कुमार तिवारी ने प्रशासनिक अमले के साथ पूरे मंदिर क्षेत्र का जायजा लिया। इस दौरान:
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सीधा संवाद: टीम ने दुकानदारों और रेस्टोरेंट संचालकों से मुलाकात कर उन्हें अंतिम चेतावनी दी।
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पुजारियों का सहयोग: मंदिर के पंडा समाज और पुजारियों के साथ बैठक कर उन्हें प्रशासन की भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया गया।
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रणनीति तैयार: निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने बैठक की, जिसमें भारी पुलिस बल की तैनाती और अतिक्रमण हटाने के लॉजिस्टिक्स पर चर्चा हुई।
🌿 श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा?
प्रशासन का दावा है कि इस सफाई अभियान के बाद श्रद्धालुओं को एक विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा:
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भीड़ प्रबंधन: संकरी गलियों और अवैध निर्माण के हटने से भगदड़ जैसी स्थितियों का खतरा कम होगा।
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स्वच्छता: मंदिर परिसर को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त और कचरा मुक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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सुविधाएं: अतिक्रमण हटने के बाद वहां स्थायी प्रतीक्षालय, आधुनिक शौचालय और चौड़े रास्तों का निर्माण किया जाएगा।
⚠️ क्या है अगली कार्रवाई?
सूत्रों के अनुसार, अगले 48 घंटों के भीतर चिह्नित स्थानों पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और दुकानदारों से शांति बनाए रखने और इस “कायाकल्प अभियान” में सहयोग करने की अपील की है।
Matribhumisamachar


