बुधवार, मार्च 11 2026 | 01:41:55 AM
Breaking News
Home / राज्य / बिहार / बिहार में युग का अंत: नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए भरा नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में सत्ता हस्तांतरण के संकेत

बिहार में युग का अंत: नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए भरा नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में सत्ता हस्तांतरण के संकेत

Follow us on:

पटना विधानसभा में राज्यसभा नामांकन दाखिल करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और साथ में अमित शाह।

पटना. बिहार की राजनीति में आज एक युग का अंत और एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। पिछले दो दशकों से राज्य की सत्ता के धुरी रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज सुबह 11:30 बजे राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। यह नामांकन बिहार विधानसभा परिसर में होगा, जिसके बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिकताएं शुरू होने की संभावना है।

दिल्ली की राह पर नीतीश: अमित शाह भी रहेंगे मौजूद

सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार के नामांकन को बेहद भव्य और राजनीतिक संदेश देने वाला बनाया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विशेष रूप से पटना पहुंच सकते हैं। उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा उम्मीदवार नितिन नबीन भी मौजूद रहेंगे।

जानकारों का मानना है कि अमित शाह की मौजूदगी यह संकेत देती है कि एनडीए (NDA) के भीतर नीतीश कुमार के दिल्ली जाने और बिहार में सत्ता हस्तांतरण का फॉर्मूला पूरी तरह तय हो चुका है।

नए मुख्यमंत्री को लेकर हलचल तेज

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? * भाजपा का दावा: कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा के खाते में जा सकती है।

  • नया समीकरण: जदयू के भीतर से भी किसी कद्दावर नेता या नीतीश कुमार के परिवार से किसी सदस्य को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं आम हैं।

जदयू विधायक दल की आपात बैठक

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में नीतीश कुमार अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं और नए नेता के नाम पर मुहर लगाई जा सकती है।

अन्य उम्मीदवारों का नामांकन

आज केवल नीतीश कुमार ही नहीं, बल्कि जदयू के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर भी राज्यसभा के लिए अपना पर्चा दाखिल करेंगे। विपक्षी खेमे में भी इस हलचल को देखते हुए बैठकों का दौर शुरू हो गया है, जिससे बिहार की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है।

निष्कर्ष: करीब 20 साल तक बिहार की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार का दिल्ली जाना न केवल जदयू के लिए, बल्कि बिहार की पूरी राजनीतिक संरचना के लिए एक बड़ा मोड़ साबित होगा।

matribhumisamachar.com

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

बिहार विधानसभा की फाइल फोटो और पटना हाईकोर्ट का प्रतीकात्मक चित्र

बिहार की राजनीति में हड़कंप: पटना हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष समेत 42 विधायकों को भेजा नोटिस

पटना. बिहार विधानसभा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पटना हाईकोर्ट ने सत्ता और विपक्ष …