बर्लिन. बर्लिन के इतिहास में हाल के वर्षों का सबसे बड़ा बिजली संकट गहरा गया है। एक केबल ब्रिज पर आग लगने के कारण दक्षिण-पश्चिमी बर्लिन के लगभग 45,000 घरों और 2,200 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बिजली पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रिड ऑपरेटर ‘स्ट्रोमनेट्ज़ बर्लिन’ (Stromnetz Berlin) के अनुसार, स्थिति सामान्य होने में 8 जनवरी (गुरुवार) तक का समय लग सकता है।
मुख्य अपडेट और मौजूदा स्थिति
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प्रभावित इलाके: बिजली कटौती का मुख्य असर निकोलाई (Nikolassee), ज़ेहलेनडोर्फ (Zehlendorf), वानसी (Wannsee) और लिक्टरफेल्डे (Lichterfelde) जैसे इलाकों में देखा जा रहा है।
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कारण: शनिवार सुबह टेल्टो कैनाल (Teltow Canal) के ऊपर एक केबल ब्रिज पर भीषण आग लग गई थी, जिससे हाई-वोल्टेज केबल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
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जांच में बड़ा खुलासा: पुलिस इसे ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ हमला मान रही है। एक वामपंथी चरमपंथी समूह ‘वल्कनग्रुप’ (Vulkangruppe) ने इस आगजनी की जिम्मेदारी ली है। बर्लिन के मेयर काई वेगनर ने इसे “अस्वीकार्य कृत्य” बताया है।
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ठंड का कहर: बर्लिन में इस समय बर्फबारी हो रही है और तापमान शून्य के करीब है। बिजली न होने के कारण कई घरों में हीटिंग सिस्टम भी बंद हो गए हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों के लिए भारी मुसीबत खड़ी हो गई है।
राहत और बचाव कार्य
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अस्पतालों का हाल: लिक्टरफेल्डे इलाके के कुछ अस्पतालों और केयर होम से मरीजों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
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आपातकालीन सहायता: प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में ‘वार्मिंग बसें’ और मोबाइल चार्जिंग स्टेशन तैनात किए हैं। लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को ताजा अपडेट दिए जा रहे हैं।
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पुनर्स्थापना में देरी: ऑपरेटर का कहना है कि नए हाई-वोल्टेज केबल बिछाने में समय लगता है और जमा देने वाली ठंड के कारण मरम्मत का काम धीमा हो गया है।
Matribhumisamachar


