वाशिंगटन. अमेरिका के मैरीलैंड राज्य से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ 27 वर्षीय एक भारतीय मूल की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई है। स्थानीय पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और मुख्य आरोपी के भारत भाग जाने की प्रबल आशंका जताई है।
घटना का विवरण
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, महिला का शव मैरीलैंड स्थित उसके आवास से बरामद किया गया। प्राथमिक जांच में यह मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतका की पहचान उजागर कर दी गई है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। मैरीलैंड की ‘हावर्ड काउंटी पुलिस’ ने मुख्य आरोपी के खिलाफ फर्स्ट और सेकंड डिग्री मर्डर का वारंट जारी कर दिया है।
मृतका की पहचान: मृतका की पहचान 27 वर्षीय निकिता गोदिशाला के रूप में हुई है, जो एलिकॉट सिटी की रहने वाली थीं और एक हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म पर डेटा एनालिस्ट के रूप में कार्यरत थीं।
मुख्य आरोपी: पुलिस ने निकिता के पूर्व प्रेमी, 26 वर्षीय अर्जुन शर्मा को मुख्य संदिग्ध माना है।
गुमराह करने की साजिश: आरोपी अर्जुन ने खुद 2 जनवरी को पुलिस में निकिता की गुमशुदगी (Missing report) दर्ज कराई थी। उसने दावा किया था कि उसने निकिता को आखिरी बार 31 दिसंबर (New Year’s Eve) को अपने अपार्टमेंट में देखा था।
भारत फरार: जांच में पता चला कि जिस दिन (2 जनवरी) उसने रिपोर्ट दर्ज कराई, उसी दिन वह विमान से भारत के लिए रवाना हो गया। वह 4 जनवरी की तड़के भारत पहुंच चुका है।
जांच में मिले सुराग
हत्या का समय: पुलिस का मानना है कि निकिता की हत्या 31 दिसंबर की शाम करीब 7:00 बजे के आसपास की गई थी।
शव की बरामदगी: 3 जनवरी को जब पुलिस ने सर्च वारंट के साथ कोलंबिया स्थित अर्जुन के अपार्टमेंट की तलाशी ली, तो वहां से निकिता का शव बरामद हुआ। उनके शरीर पर चाकू से गोदने (Stab wounds) के कई निशान मिले हैं।
वित्तीय विवाद: निकिता की बहन, सरस्वती गोदिशाला ने आरोप लगाया है कि दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद था। अर्जुन ने कथित तौर पर निकिता के खाते से लगभग 3,500 डॉलर का अनधिकृत लेनदेन (Unauthorized transaction) भी किया था।
अंतरराष्ट्रीय तलाश: हावर्ड काउंटी पुलिस अब FBI और अन्य संघीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि अर्जुन शर्मा को भारत में ट्रैक किया जा सके और उसे गिरफ्तार किया जा सके।
भारतीय दूतावास की भूमिका: वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि वे निकिता के परिवार के संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। वे अमेरिकी अधिकारियों के साथ भी लगातार समन्वय कर रहे हैं।
प्रत्यर्पण (Extradition): भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि है, जिसके तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को वापस अमेरिका लाया जा सकता है।
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