लखनऊ. उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में 5 फरवरी 2026 को ठंड और घने कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। सुबह और देर रात शीतलहर जैसी स्थिति महसूस की जा रही है, वहीं कई इलाकों में कोहरे के कारण जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम के मौजूदा पैटर्न के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह-शाम सतर्कता जरूरी रहने वाली है।
उत्तर प्रदेश का आज का मौसम अपडेट (5 फरवरी 2026)
🌡️ तापमान का हाल
प्रदेश में आज अधिकतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। रात और तड़के ठंड का असर ज्यादा तेज रहेगा।
🌫️ घना कोहरा और विजिबिलिटी अलर्ट
कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है।
पश्चिमी यूपी के इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम रह सकती है, जिससे हाईवे, एक्सप्रेसवे और रेल परिचालन प्रभावित होने की आशंका है।
☀️ आसमान और धूप की स्थिति
दिन के समय आसमान ज्यादातर साफ रहेगा और धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि शाम होते ही तापमान फिर गिरने लगेगा और ठंड बढ़ जाएगी।
🌬️ ठंडी हवाओं का असर
पश्चिम दिशा से करीब 10 मील प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। इन हवाओं के कारण कनकनी बनी रहेगी और ठंड ज्यादा महसूस होगी।
🌧️ बारिश की संभावना
आज प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि 6 से 8 फरवरी के बीच एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव आ सकता है और कुछ इलाकों में बादल छाने की स्थिति बन सकती है।
पूरे उत्तर भारत का मौसम मिजाज
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कोहरा और ठंडी हवाओं का असर बना हुआ है। वहीं पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के कारण ठंडी हवा मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
ठंड और कोहरे को लेकर जरूरी सावधानियां
- सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचें
- वाहन चलाते समय फॉग लाइट और लो-बीम हेडलाइट का प्रयोग करें
- बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं
- खुले में काम करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह
उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का यह दौर फिलहाल जारी रहने वाला है। दिन में धूप कुछ राहत जरूर दे सकती है, लेकिन सुबह-शाम घना कोहरा और ठंडी हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम को देखते हुए सतर्क रहना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
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