लखनऊ. कानपुर में बिना डॉक्टर की पर्ची (Prescription) के एंटीबायोटिक दवाओं की खुलेआम बिक्री ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। यह मामला आज भी स्थानीय प्रशासन, औषधि विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच गंभीर चर्चा का विषय बना रहा। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर इस पर समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो यह समस्या भविष्य में जन-स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
🦠 एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR): सबसे बड़ा और अदृश्य खतरा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बिना आवश्यकता या गलत मात्रा में एंटीबायोटिक लेने से शरीर में मौजूद बैक्टीरिया इन दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं। इसी स्थिति को एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) कहा जाता है।
AMR क्यों है खतरनाक?
- सामान्य संक्रमण का इलाज भी मुश्किल हो सकता है
- असरदार एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर हो जाती हैं
- इलाज का खर्च और समय दोनों बढ़ जाते हैं
- गंभीर मामलों में मृत्यु का खतरा भी बढ़ता है
📊 कानपुर में एंटीबायोटिक बिक्री की ताजा स्थिति
कानपुर में एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
- 💊 दैनिक बिक्री: लगभग ₹2 से ₹2.5 करोड़
- 🤒 सेल्फ-मेडिकेशन का चलन:
- जुकाम
- हल्का बुखार
- खांसी
- शरीर दर्द
- बड़ी संख्या में लोग डॉक्टर को दिखाने के बजाय सीधे मेडिकल स्टोर से हाई-डोज एंटीबायोटिक खरीद रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक लेने से कोई फायदा नहीं होता, बल्कि यह AMR को बढ़ावा देता है।
🔍 औषधि विभाग की कार्रवाई और सख्त निगरानी
पिछले कुछ हफ्तों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने कानपुर में:
- कई मेडिकल स्टोर
- निजी अस्पताल
- थोक दवा विक्रेता
पर निरीक्षण और छापेमारी की है।
जांच में कई जगहों पर बिना पर्चे के शेड्यूल-H श्रेणी की दवाएं बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
🛑 स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए अहम कदम
✅ कड़ी चेतावनी
FSDA ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- बिना डॉक्टर की पर्ची
- शेड्यूल-H और H1 दवाओं की बिक्री
- कानूनन अपराध मानी जाएगी
✅ मेडिकल स्टोर ऑडिट
अब मेडिकल स्टोरों के:
- स्टॉक रजिस्टर
- बिक्री रिकॉर्ड
- बिलिंग डेटा
का मिलान किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दवाएं केवल वैध पर्चे पर ही बेची जाएं।
✅ जन जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग लोगों को यह समझा रहा है कि:
- हर बुखार बैक्टीरियल नहीं होता
- वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक जरूरी नहीं
- गलत दवा भविष्य में इलाज को मुश्किल बना सकती है
⚠️ विशेषज्ञों की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि:
- मेडिकल स्टोरों की लापरवाही
- और लोगों की सेल्फ-मेडिकेशन की आदत
पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले समय में सामान्य बीमारियां भी गंभीर रूप ले सकती हैं।
🧠 क्या करें, क्या न करें?
✔️ डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक न लें
✔️ पूरा कोर्स अधूरा न छोड़ें
✔️ मेडिकल स्टोर से दवा लेते समय पर्चा और बिल जरूर रखें
❌ किसी और की बची हुई दवा न लें
❌ वायरल बुखार में खुद से एंटीबायोटिक शुरू न करें
कानपुर में बिना पर्चे एंटीबायोटिक की बिक्री सिर्फ एक प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। सख्त निगरानी, जागरूकता और नियमों के कड़ाई से पालन से ही AMR जैसे खतरे को रोका जा सकता है।
📌 डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। किसी भी प्रकार की दवा या उपचार शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
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