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कानपुर में हाहाकार: कमर्शियल गैस की किल्लत से 35% दुकानें बंद, शादियों का मजा हुआ किरकिरा

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पूर्व पार्षद मदन लाल भाटिया कानपुर गैस संकट पर बयान देते हुए।

कानपुर. उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहर कानपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति ठप होने से हाहाकार मच गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) द्वारा आपूर्ति पर लगाई गई अचानक रोक ने शहर की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को पटरी से उतार दिया है।

कृष्णानगर क्षेत्र के पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ व्यवसायी मदन लाल भाटिया ने आज एक प्रेस बयान जारी कर जिला प्रशासन और तेल कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

रोजगार पर संकट: 35% दुकानें हुईं बंद

मदन लाल भाटिया ने बताया कि गैस की कमी के कारण शहर की लगभग 35% दुकानें और होटल बंद हो चुके हैं। सबसे बुरा असर छोटे व्यापारियों, ठेले और खोमचे वालों पर पड़ा है, जिन्होंने अपना व्यापार समेटना शुरू कर दिया है। भाटिया ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो शहर में लाखों लोगों का रोजगार छिन जाएगा।

कानपुर की ताजा खबरें: matribhumisamachar.com/category/kanpur-news

हॉस्टल खाली, शादियों का मजा हुआ किरकिरा

गैस संकट का असर अब छात्रों और परिवारों पर भी दिखने लगा है:

  • हॉस्टल: शहर के तमाम स्कूलों और कॉलेजों के हॉस्टलों में खाना नहीं बन पा रहा है, जिसके चलते प्रबंधन ने छात्रों को घर जाने का फरमान सुना दिया है।

  • सहालग (शादी सीजन): शादियों के इस भारी सीजन में कैटरिंग व्यवसाय ठप है। जिन घरों में शादियाँ हैं, वहां हलवाई मिठाई और खाना बनाने के लिए सिलेंडर नहीं जुटा पा रहे हैं।

  • बारातियों की संख्या में कटौती: हालात इतने खराब हैं कि कई परिवारों ने अपने रिश्तेदारों को मैसेज भेजकर बारातियों और घरातियों की संख्या कम करने का अनुरोध किया है ताकि सीमित संसाधनों में काम चल सके।

उत्तर प्रदेश व्यापार जगत: matribhumisamachar.com/business/up-trade-updates

प्रशासन की ‘संवेदनहीनता’ पर उठाए सवाल

पूर्व पार्षद ने जिला प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि इतनी बड़ी किल्लत और अव्यवस्था के बावजूद प्रशासन “हाथ पर हाथ धरे” बैठा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की निष्क्रियता से शहर में किसी भी समय जनाक्रोश फैल सकता है।

व्यापारियों ने सुझाए विकल्प

मदन लाल भाटिया ने कहा कि यदि गैस आपूर्ति बहाल नहीं होती, तो व्यापारी इन विकल्पों पर विचार कर रहे हैं:

  1. पुनः कोयले और डीजल की भट्टियों का उपयोग शुरू करना (जो पर्यावरण के लिए घातक हो सकता है)।

  2. CUGL (सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड) से वार्ता कर उन क्षेत्रों में तत्काल PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन देना जहाँ पाइपलाइन उपलब्ध है।

अपील: मदन लाल भाटिया ने जिला प्रशासन से अपील की है कि वह “संवेदनहीनता त्याग कर संवेदनशील बने” और उन लाखों लोगों के भविष्य के बारे में सोचे जिनकी रोजी-रोटी इस समय खतरे में है।

प्रशासनिक कार्यवाही और रिपोर्ट: matribhumisamachar.com/administration/kanpur-dm-order

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