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वाराणसी विद्यामठ आश्रम चोरी का खुलासा: हनुमान मंदिर से आभूषण चुराने वाला राजू खान और दो खरीदार गिरफ्तार

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वाराणसी के विद्यामठ आश्रम परिसर का दृश्य और सुरक्षा के लिए लगे सीसीटीवी कैमरे (सांकेतिक चित्र)

वाराणसी । शनिवार, 6 जून 2026

उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी वाराणसी (काशी) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ भेलूपुर इलाके में स्थित ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विद्यामठ आश्रम परिसर के एक मंदिर को चोरों ने अपना निशाना बनाया। हालांकि, वाराणसी पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी इनपुट्स की वजह से इस चोरी का महज कुछ ही दिनों के भीतर न सिर्फ खुलासा हो गया, बल्कि चोरी किए गए लाखों रुपये के आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं।

यह घटना धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और वहां लगे आधुनिक उपकरणों (CCTV) की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित करती है। आइए जानते हैं इस पूरी घटनाक्रम का सिलसिला, पुलिस की तफ्तीश और पकड़े गए आरोपियों के बारे में।

शंकराचार्य घाट के हनुमान मंदिर में हुई थी वारदात

यह पूरी घटना 24 अप्रैल की है। वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शंकराचार्य घाट स्थित विद्यामठ आश्रम में हनुमान जी का एक प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है। रोज़ की तरह श्रद्धालु यहाँ दर्शन-पूजन के लिए आ रहे थे। इसी बीच मौका पाकर एक शातिर चोर ने हनुमान मंदिर के गर्भगृह या विग्रह से भगवान के बहुमूल्य आभूषण पार कर दिए।

चोरी गए आभूषणों की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। जैसे ही मंदिर प्रशासन को इस बात की भनक लगी कि भगवान के गहने गायब हैं, आश्रम और मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया। मंदिर प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय भेलूपुर थाना पुलिस को इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।

सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से खुला चोरी का राज

धार्मिक और संवेदनशील स्थान होने के कारण मामला सामने आते ही पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रबंधन दोनों पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए भेलूपुर पुलिस ने तुरंत कई टीमें गठित कीं और तफ्तीश की कमान संभाली।

पुलिस की जांच का सबसे बड़ा और टर्निंग पॉइंट साबित हुआ आश्रम में लगा सीसीटीवी कैमरा। जब पुलिस ने मंदिर और उसके आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो उन्हें एक संदिग्ध युवक मंदिर परिसर में घूमता हुआ दिखाई दिया।

तफ्तीश का मुख्य बिंदु: फुटेज में साफ देखा गया कि वह युवक मंदिर के भीतर जाता है, आभूषण चोरी करता है और फिर बड़ी चालाकी से आभूषणों को छिपाकर परिसर से बाहर निकल जाता है। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी के हुलए और कद-काठी की पहचान की।

मुख्य आरोपी राजू खान सहित तीन लोग गिरफ्तार

तकनीकी इनपुट्स और मुखबिरों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को लंका थाना क्षेत्र के नरिया-साकेत नगर के पास से घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया।

  • मुख्य आरोपी की पहचान: पकड़े गए आरोपी का नाम राजू खान है। पूछताछ में उसने हनुमान मंदिर से आभूषण चोरी करने की बात कबूल कर ली।

  • चोरी का माल खरीदने वाले भी दबोचे गए: पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में राजू खान ने बताया कि उसने चोरी के तुरंत बाद इन आभूषणों को बेच दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आभूषण खरीदने वाले दो सराफा कारोबारियों/खरीदारों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान ध्रुव कुमार वर्मा और संतोष वर्मा के रूप में हुई है।

पुलिस ने इन तीनों आरोपियों के पास से चोरी किए गए लाखों रुपये के आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए हैं। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के सामने अब भी हैं कुछ अनसुलझे सवाल

इस पूरे मामले के सफल अनावरण पर भेलूपुर के एसीपी (ACP) गौरव कुमार ने मीडिया को बताया कि सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से इस पूरी घटना का पर्दाफाश बेहद कम समय में कर लिया गया है। हालांकि, पुलिस की जांच अभी पूरी तरह बंद नहीं हुई है।

पुलिस अब कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम कर रही है:

  1. विद्यामठ आश्रम जैसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित स्थान पर, जहां हमेशा लोगों की मौजूदगी रहती है, वहां चोर इतनी आसानी से दाखिल होकर वारदात को अंजाम देने में कैसे कामयाब रहा? क्या मंदिर की सुरक्षा में कोई चूक हुई थी?

  2. चोरी के इतने कीमती और धार्मिक महत्व के आभूषणों को खरीदारों (ध्रुव और संतोष वर्मा) ने बिना किसी पुख्ता रसीद या पहचान के इतनी आसानी से और इतनी जल्दी क्यों और कैसे खरीद लिया? क्या इनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास या साठगांठ है?

वाराणसी पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

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